बाढ़ से उबरते ही सूखे की मार! देहरादून के लोग अब हर बूंद पानी के लिए तरस रहे

देहरादून
कुछ दिन पहले बाढ़ से त्राहीमाम कर रहे देहरादून में अब पानी का 'सूखा' पड़ गया है। आपदा में नदी व स्रोतों से शहर के लिए आने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर बहने के कारण अभी भी करीब एक लाख की आबादी के बीच पेयजल समस्या बरकरार है। छह दिन से लगातार पेयजल आपूर्ति ठप होने से लोगों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हाल यह है कि कई इलाकों में लोगों को नहाने और खाना बनाने के लिए भी पानी नहीं मिल रहा और वह बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।

बीते सोमवार-मंगलवार मध्य रात को देहरादून में आई आपदा से शहर में 2.35 लाख की आबादी के लिए बांदल नदी, बीजापुर कैनाल शिखर फाल, ग्लोगी फाल, कार्लीगार्ड स्रोत, केलाघाट स्रोत और कोल्हूखेत स्रोत से आने वाली विभिन्न पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थी। जिससे शहर के 47 हजार से अधिक घरों में पेयजल संकट खड़ा हो गया था।

हालांकि बारिश थमने के बाद जल संस्थान ने पाइपलाइनों के पुनर्स्थापन के कार्य शुरू कर दिए हैं। इससे बांदल नदी से दिलाराम चौक और आसपास के इलाकों की आपूर्ति एक समय के लिए बहाल हो गई है। ग्लोगी फाल से पुरकुल और आसपास के इलाकों को जाने वाला पानी भी एक समय के लिए शुरू हो गया है। अन्य स्रोतों से आने वाली आपूर्ति में मरम्मत कार्य चल रहा है। जल्द ही उनकी भी आपूर्ति शुरू होगी।

व्यवस्थित रूप से नहीं बंट रहे टैंकर
पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने पर जल संस्थान टैंकर से सभी इलाकों में पानी दे रहा है। लेकिन टैंकरों की कमी के चलते वह व्यवस्थित रूप से नहीं बंट पा रहे। जल संस्थान रोजाना प्रभावित इलाकों में टैंकरों के 500 से अधिक चक्कर लगवा रहा है। लेकिन, इसके बावजूद बहुत से लोगों को टैंकर नहीं मिल रहा।मजबूरी में उन्हें फिलिंग स्टेशन पर पहुंचकर खुद टैंकर ले जाना पड़ रहा है।

इन इलाकों में समस्या अभी भी बरकरार
दून विहार, नयागांव, आर्य नगर, साकेत कालोनी, डीएल रोड, पुरुकुल, चंद्रोटी, हाथी बड़कला, शहंशाही, पुराना राजपुर, डाकपट्टी, जाखन, बाडीगार्ड, अनारवाला, कुठालगेट और आसपास के इलाकों में अभी पेयजल आपूर्ति की भारी किल्लत है।

दिलाराम, झंडा बाजार, कालीदास रोड, इंदिरा विहार, पलटन बाजार, चकराता रोड, इसी रोड, ओल्ड डालनवाला, बकरालवाला, मालसी, सिनोला, किरसाली, धोरण, कालागांव, वीर गब्बर सिंह बस्ती, बारीघाट, बामण गांव, खालागांव, भगवंतपुर, सलान गांव, उतड़ी गांव आदि आसपास के इलाकों में एक समय के लिए आपूर्ति शुरू हो गई है।

 

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