देश का पहला कॉस्मेटिक लेजर इंस्टिट्यूट जयपुर में, लेजर तकनीक की नई क्रांति

जयपुर
 राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे रहें हैं. इसको लेकर अस्पताल के अलग-अलग विभागों में बीमारियों के लिए इंस्टीट्यूट और सेंटर शुरू किए जा रहे हैं. हाल ही में सवाई मानसिंह अस्पताल में जेनेटिक टेस्टिंग लैब और टॉक्सिकोलॉजी लैब की शुरुआत की गई थी.अब इस अस्पताल में खूबसूरत दिखने की चाह रखने वालों और चर्म रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए देश का पहला सरकारी कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरुआत होने वाली है.

कॉस्मेटिक लेजर इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी की शुरूआत होने के बाद चर्म रोग से संबंधित बिमारियों के मरीजों को इसका सबसे ज्यादा फायदा लाभ मिलेगा. सवाई मानसिंह अस्पताल के चरक भवन में 7 करोड़ रुपए की लागत से इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी तैयार हो गया है, जो 3 महीने में शुरू हो जाएगा. इंस्टीट्यूट में झड़ते  बालों को दोबारा उगाने, चेहरे पर मस्से हटाने, अनचाहे बालों को खत्म करने, बालों की ग्रोथ बढ़ाने, घाव भरने, सफेद दाग, जन्म से बने दाग-धब्बों, टेंटू और पिगमेंटेशन जैसी सभी प्रकार की परेशानियों का इलाज एक्साइमर तकनीक से होगा.

इन खास मशीनों से होगा चर्म रोग का इलाज 

सवाई मानसिंह अस्पताल में तैयार हो रहे इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में इलाज के लिए खासतौर पर लेजर और कॉस्मेटिक प्रोसिजर से जुड़े सभी लोगों का इलाज आधुनिक मशीनों से बेहतर तरीके से होगा. जिसमें चमड़ी पर रोगों की गहराई से जांच के लिए डर्मास्कोप, बाल झड़ने का कारण, मोटाई और स्कैल्प की जांच के लिए ट्राइकोस्कोप, स्कीन से अनचाहे बाल हटाने लिए डायोड लेजर, चेहरे के खड्डे भरने और मस्से हटाने के लिए फ्रेक्शनल कार्बन डाइ ऑक्साइड, सफेद दागों का इलाज, फोटोथेरेपी, टेटू और बर्थमार्क जैसे चिन्हों को हटाने के लिए एनडी-याग लेजर से इलाज की सुविधा लोगों को यहां मिलेगी. चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी संस्थान सरकारी स्तर पर देश का पहला और विदेश स्तर पर लंदन के बाद दूसरा इंस्टीट्यूट होगा. इंस्टीट्यूट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने की योजना है, जहां इलाज के साथ डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जाएगी.

सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल के चर्म रोग विभाग में हर साल करीब चार लाख मरीज इलाज के लिए आते हैं. बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी शुरू की जा रही है.  इसके बाद लाखों लोगों को हर साल इसका फायदा मिलेगा. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद लोगों को ख़ासतौर पर सफेद दाग के लिए एक्साइमर से आसान इलाज के साथ रिसर्च सुविधा, रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहतरीन दवाईयां उपलब्ध होगी. इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद निजी कॉस्मेटिक सेंटर्स पर महंगा इलाज से राहत मिलेगी और पैसे की बचत भी होगी. इंस्टीट्यूट में लोगों के लिए सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिलेगी. अभी फिलहाल चरक भवन के इंस्टीट्यूट ऑफ डर्मेटोलॉजी में फर्नीचर इंस्टालेशन और अन्य तमाम कार्य चल रहे हैं, जो जल्द ही पूरे हो जाएंगे.

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति