श्रद्धालुओं के सपनों को साकार कर रही है मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायगढ़ जिले के 1200 से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया योजना का लाभ

रायपुर

रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम ऑडिटोरियम में रामलला दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने भगवान राम की छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। रामायण आरती के साथ वातावरण राममय हो उठा।

 चौधरी ने श्रद्धालुओं का चरणस्पर्श कर आशीर्वाद लिया और कहा कि यह योजना वास्तव में बुजुर्गों के सपनों को साकार करने वाली योजना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी का भगवान राम से गहरा नाता है। माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की बेटी थीं, इसलिए भगवान राम को हम भांजा मानते हैं। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास समाप्त हुआ था, लेकिन कलियुग में राममंदिर निर्माण के लिए 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक अयोध्या का भव्य मंदिर आज साकार हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने वादा किया था कि श्रद्धालुओं को रामलला और प्रमुख तीर्थों का दर्शन कराया जाएगा। आज रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना हजारों परिवारों के लिए आशीर्वाद बन चुकी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने गांवों में राम के आदर्शों और उनके चरित्र का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।

यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं

जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन और चिकित्सा की संपूर्ण व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक यात्री को विशेष पहचान पत्र भी प्रदान किया गया। इच्छुक श्रद्धालु आगामी यात्राओं के लिए जिला पंचायत और नगर निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव

जिले के विभिन्न विकासखण्डों से अब तक 1206 श्रद्धालु (745 पुरुष एवं 461 महिलाएं) अयोध्या, काशी और अन्य तीर्थों का दर्शन कर चुके हैं। सम्मेलन में श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया।

पुसौर निवासी  खगेश्वर पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, वर्तमान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के प्रयास से ही यह संभव हुआ। राजकुमारी साव ने यात्रा को सहज और सुखद बताते हुए कहा कि पूरी यात्रा परिवार जैसे वातावरण में पूरी हुई। उमेश सिंह सिदार ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान हेतु लगातार कार्य कर रही है। वहीं सावित्री भगत ने कहा कि अयोध्या दर्शन उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। सुनील थवाईत ने बताया कि यात्रा में स्वच्छ भोजन, सुरक्षा और स्वागत की उत्कृष्ट व्यवस्था रही। काशी और अयोध्या के दर्शन उनके जीवन के सबसे सुखद क्षण रहे।

सम्मेलन में योजनाओं से जुड़ी अविस्मरणीय स्मृतियों को समेटे हुए वीडियो प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक ग्रुप फोटो लिया गया। श्रद्धालुओं को स्मृति स्वरूप रामचरितमानस की पुस्तक, शाल, फल और यात्रा के फोटोग्राफ भेंट किए गए। इस अवसर पर नगर निगम रायगढ़ महापौर  जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  दीपक सिदार, नगर निगम सभापति  डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत सदस्य मती सुषमा खलखो सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ  जितेंद्र यादव और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति