राजधानी भोपाल में गरबा पर सख्ती! एंट्री के लिए अनिवार्य होगी पहचान, ये हैं नए दिशा-निर्देश

भोपाल
 भोपाल में इस नवरात्रि के मौके पर गरबा और डांडिया को लेकर प्रशासन ने सख्त गाइडलाइन जारी कर दी है. कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी पंडाल में बिना पहचान पत्र के एंट्री बिलकुल नहीं होगी. मतलब, अगर आप भूलकर भी अपने आईडी कार्ड के बिना पहुँचते हैं, तो पंडाल की दहलीज पार करना मुश्किल होगा.

गरबा पंडाल के लिए नियम सख्त

आयोजकों को भी अब हर पंडाल में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके. इसके अलावा, अग्नि सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम करना होगा. प्रत्येक पंडाल में अग्निशमन यंत्र रखने और Fire Safety Norms का पालन करना अब नियम बन गया है.

प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी जरूरी है. यानी, किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके अलावा, आयोजन स्थल पर किसी को भी संदिग्ध या आपत्तिजनक वस्तु, धारदार हथियार लेकर आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी शख्स द्वारा ऐसे हथियार का इस्तेमाल किया जाना अपराध माना जाएगा.

विद्युत सुरक्षा पर भी प्रशासन ने खास जोर दिया है. आयोजन स्थल पर बिजली से संबंधित सभी सुरक्षा इंतजाम करना और विद्युत विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा. यह सभी निर्देश आयोजकों के लिए ‘मस्ट फॉलो’ हैं, और नियमों का उल्लंघन करने पर तुरंत कार्रवाई होगी.

बता दें कि भोपाल प्रशासन की तरफ से आदेश ऐसे समय में जारी हुआ है जब मध्य प्रदेश में हिंदू संगठनों ने गरबा और डांडिया के पंडालों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर बैन लगाने की मांग की थी. हिंदू संगठनों ने कहा था कि 'जिहादियों' की नजर गरबा के पंडालों पर होती है. इतना ही नहीं, मध्य प्रदेश के मशहूर कंप्यूटर बाबा ने भी हाल में कहा था कि जब सनातन का कार्यक्रम है तो इसमें सनातन के बाहर के लोगों को आना ही नहीं चाहिए. उन्होंने हिंदू संगठनों की मांग का समर्थन किया था.

इस आदेश के मुताबिक-

  •     गरबा, डांडिया एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने वाली आयोजन समिति द्वारा किसी भी व्यक्ति को उनके बगैर पहचान पत्र के सत्यापन किये बिना आयोजन स्थल पर प्रवेश नही दिया जावेगा।
  •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर सी सी टी वी कैमरा लगाया जाना अनिवार्य होगा।
  •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर स्थापित पंडालों में अग्नि से बचाव हेतु अग्निशमन यंत्रो की पर्याप्त व्यवस्था तथा Fire Safety Norms का पालन किया जाना अनिवार्य होगा ।
  •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था रखना अनिवार्य होगा।
  •     आयोजन समिति द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जावे कि किसी भी व्यक्ति द्वारा कार्यकम स्थल पर आयोजन के दौरान किसी भी संदिग्ध/आपत्तिजनक वस्तु धारदार हथियार नहीं ले जा सकेगा और न ही उसका प्रयोग / प्रदर्शन कर सकेगा।
  •     आयोजन समिति द्वारा कार्यक्रम स्थल पर विद्युत सुरक्षा से संबंधित समस्त कार्य कराया जाना सुनिश्चित करेगें एवं इस आशय का प्रमाण पत्र विद्युत विभाग से लिया जाना अनिवार्य होगा।

भोपाल में गरबा जिहाद की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने गाइडलाइन की जारी।
'जिहादियों का आना सख्त मना, पकड़े गए तो घर वापसी कराई जाएगी'

वहीं, आपको बता दें कि भोपाल में गरबा पंडालों में होर्डिंग लगने शुरू हो गए हैं। होर्डिंग पर लिखा है- "गरबे के पंडाल में जिहादियों का आना सख्त मना है। पकड़े जाने पर घर वापसी कराई जाएगी या उचित व्यवस्था की जाएगी।" जानकारी के मुताबिक, ये होर्डिंग अवधपुरी श्री कृष्ण सेवा समिति गरबा पंडाल की टीम की ओर से लगाया गया है। होर्डिंग पर लट्ठ और जूते-चप्पल की तस्वीर भी लगी है।
एंट्री के लिए बने 5 नियम

भोपाल में गरबा जिहाद से बचने और गरबा पंडालों में गैर हिंदुओं की एंट्री रोकने के लिए गाइडलाइन भी बनाई गई है। हिंदू संगठनों की ओर से गरबा पंडालों में प्रवेश के लिए ये पांच नियम तय किए गए हैं-:

    माथे पर तिलक
    हाथों में कलावा
    आधार कार्ड 
    गंगाजल गोमूत्र का आचमन
    वराह देवता-मां दुर्गा की तस्वीर का नमन

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति