‘जलसेतु एप’: पानी की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए टीना डाबी का अभिनव कदम

बाड़मेर

बाड़मेर जिले में पानी संबंधित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक अभिनव पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा ‘जलसेतु एप’ तैयार करवाया। यह एप जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का काम करेगा और उपयोगकर्ताओं को पानी की आपूर्ति की स्थिति के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करेगा। इससे लोगों को पानी की उपलब्धता और वितरण की सटीक जानकारी मिल सकेगी।

जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि यह जलसेतु एप एक अभिनव पहल है, जो नागरिकों को जल सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। उनका कहना है कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, दक्षता और स्थिरता के साथ जल प्रबंधन को बदलना है। उन्होंने कहा कि जिले में जनसुनवाई और रात्रि चौपालों में अधिकांश शिकायतें पानी से संबंधित आती हैं, जैसे गांव या शहर में पानी नहीं आना। एप तैयार करते समय सभी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया गया, जिन्हें आमजन और उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर बताया जाता रहा है।

जलसेतु एप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे और उन्हें सभी उपयोगी सूचनाएं मोबाइल पर मिलेंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि कोई भी एंड्रॉइड यूजर इसे अपने फोन में डाउनलोड कर सकता है और एपल स्टोर पर भी जल्द ही उपलब्ध होगा। एप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता अपनी आवश्यक सूचनाएं भरकर लोकेशन संबंधित जानकारी फीड कर सकता है। इसके बाद उसे हर रोज पानी सप्लाई का रियल टाइम शेड्यूल मिलेगा। यदि किसी कारण से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है, तो पांच किलोमीटर के दायरे में निकटतम जल स्रोत की जानकारी गूगल मैप लोकेशन के साथ मिलेगी। साथ ही, उस जल स्रोत पर पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता की जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी।

टीना डाबी ने बताया कि कई बार पीएचईडी की पानी आपूर्ति लाइन पर मेंटेनेंस वर्क की वजह से जल आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस स्थिति में एप पर अलर्ट दिया जाएगा कि लोकेशन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा है और जलापूर्ति बाधित रहेगी। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी तुरंत उपभोक्ता को मिलेगी। यदि कोई उपभोक्ता लीकेज या अवैध कनेक्शन की शिकायत करता है, तो वह एप पर फोटो सहित संबंधित अधिकारी को टैग करके अपलोड कर सकता है। विभाग निर्धारित समय में शिकायत का निस्तारण करेगा। इसके अलावा, जलजीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और पानी कनेक्शन से संबंधित सूचनाएं भी एप पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला कलेक्टर ने बताया कि पहले बाड़मेर शहर में एक सप्ताह ट्रायल के रूप में एप चलाया जाएगा। ट्रायल के दौरान आने वाली समस्याओं और सुधारों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद इसे बाड़मेर ग्रामीण क्षेत्र में लॉन्च किया जाएगा और तीन से चार सप्ताह में पूरे जिले में लागू कर दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री और पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, साथ ही बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गुरुवार शाम को कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘जलसेतु एप’ का लॉन्च किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह एप जिले की जल आवश्यकताओं की पूर्ति और जल समस्या समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

 

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