₹2.99 लाख में BMW की नई बाइक! सिर्फ 310 खुशकिस्मत लोग ही खरीद सकेंगे

मुंबई 

बीएमडब्ल्यू मोटोराड ने भारत में अपनी लोकप्रिय एंट्री-लेवल स्पोर्ट्स बाइक BMW G 310 RR का लिमिटेड एडिशन लॉन्च किया है. यह लॉन्चिंग कंपनी के लिए बेहद खास मौके पर हुई है क्योंकि बीएमडब्ल्यू ने भारत में इस बाइक की 10,000 यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है. ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में यह उपलब्धि छोटी नहीं मानी जाती, खासकर तब जब कम्यूटर सेग्मेंट से पटे बाजार में कोई प्रीमियम ब्रांड ये आंकड़ा छुए और अपनी पकड़ बनाए रखे.

बता दें कि, BMW G 310 RR भारतीय बाजार में कंपनी के पोर्टफोलियो की सबसे सस्ती बाइक है. इसके लिमिटेड एडिशन मॉडल कीमत 2.99 लाख रुपये रखी गई है. यह बाइक आज से यानी 26 सितंबर 2025 से सभी बीएमडब्ल्यू मोटोराड इंडिया डीलरशिप्स पर उपलब्ध है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका एक्सक्लूसिव डिज़ाइन है.

कैसी है बाइक? 

लिमिटेड एडिशन में पूरे बॉडी किट पर खास डेकल्स दिए गए हैं, जिनमें व्हील रिम्स तक को शामिल किया गया है. इसके अलावा फ्यूल टैंक पर '1/310' की खास बैजिंग भी है, जो इसे कलेक्टर्स आइटम जैसा अहसास दिलाती है. एक और ख़ास बात ये है कि, कंपनी इस बाइक के केवल 310 यूनिट्स ही बनाएगी और यह दो रंगों, कॉस्मिक ब्लैक और पोलर व्हाइट कलर में उपलब्ध होगी. यानी केवल 310 लोग ही ये स्पेशल बाइक खरीद सकेंगे. 

इंजन, पावर और परफॉर्मेंस

टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो लिमिटेड एडिशन में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह स्टैंडर्ड वर्ज़न की तरह ही 312 सीसी वॉटर-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर, फोर-स्ट्रोक इंजन से लैस है. जो 34 बीएचपी की पावर और 27 न्यूटन मीटर (Nm) का टॉर्क जेनरेट करता है. इस इंजन को 6-स्पीड गियरबॉक्स से जोड़ा गया है.

मिलते हैं 4 राइडिंग मोड

इस बाइक में चार राइडिंग मोड्स दिए गए हैं, जिसमें ट्रैक, अर्बन, स्पोर्ट और रेन मोड शामिल हैं. ट्रैक मोड में ABS को लेट ब्रेकिंग के लिए ट्यून किया गया है, अर्बन मोड शहर के ट्रैफिक में बैलेंस्ड एक्सेलेरेशन और ब्रेकिंग देता है, स्पोर्ट मोड फुल परफॉर्मेंस और मैक्स एक्सेलेरेशन ऑफर करता है. जबकि रेन मोड गीली सड़कों पर बेहतर स्टेबिलिटी और कंट्रोल प्रदान करता है.

फीचर्स भी हैं ख़ास

फीचर्स की लिस्ट भी काफी प्रीमियम है. इसमें राइड-बाय-वायर सिस्टम (E-Gas), रेस-ट्यून एंटी-हॉपिंग क्लच और टू-चैनल ABS दिया गया है, जो रियर-व्हील लिफ्ट-ऑफ प्रोटेक्शन के साथ आता है. बाइक में 5-इंच TFT डिस्प्ले दिया गया है, जो सभी जरूरी जानकारी जैसे राइडिंग मोड्स, स्पीड और टेम्परेचर दिखाता है.

बाइक का हार्डवेयर

सस्पेंशन सेटअप में आगे अपसाइड-डाउन (USD) फोर्क और पीछे डायरेक्ट माउंटेड स्प्रिंग स्ट्रट वाला एल्यूमिनियम स्विंग आर्म मिलता है. ग्रिप और कंट्रोल के लिए स्टैंडर्ड मिशलिन पायलट स्ट्रीट रेडियल टायर्स दिए गए हैं. ग्राहकों की सुविधा के लिए कंपनी आकर्षक फाइनेंसिंग सॉल्यूशंस भी ऑफर कर रही है, जिसमें बाइक के साथ-साथ राइडर गियर और एक्सेसरीज़ भी शामिल हैं. इस बाइक पर कंपनी 3 साल की अनलिमिटेड किलोमीटर वारंटी दे रही है.  

admin

Related Posts

आज शेयर मार्केट में रौनक, 6 लाख करोड़ की बढ़त के साथ निवेशकों ने उड़ाई खुशी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्‍स और निफ्टी ने आखिरी कुछ घंटों में कमाल की तेजी दिखाई, जिससे निवेशकों के पोर्टफोलियों में तगड़ी…

सारा खेल पलटा! भारत-EU डील ने अमेरिका की सोच पर डाला दबाव

 नई दिल्ली     भारत-EU डील अमेरिका के खिलाफ नहीं है, लेकिन यह साफ संदेश देती है कि अब भारत अब किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा. इसी कड़ी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति