कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठक: आश्रम, छात्रावासों के संचालन हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

बीजापुर

कलेक्टर संबित मिश्रा की अध्यक्षता में जिला कार्यालय बीजापुर के इन्द्रावती सभाकक्ष में आश्रम-छात्रावासों के अधीक्षक-अधीक्षिकाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित सभी मण्डल संयोजक, अधीक्षक-अधीक्षिकाएं एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में आश्रम-छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने हेतु कलेक्टर ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। जिसमें स्वास्थ्य जांच सभी छात्रों का महीने में 2 बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य किया गया। मौसम को देखते हुए मलेरिया टेस्ट करवाने तथा संक्रमित पाए जाने पर दवाई देने और उन्हें पृथक कमरे में रखने के निर्देश दिए गए। छात्रों के स्थायी जाति, निवास प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड एवं जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के निर्देश दिए गए। स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्तापूर्ण निगरानी अधीक्षक और मण्डल संयोजक द्वारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सुविधाएं दवाईयां प्रत्येक आश्रम-छात्रावास में फर्स्ट -एड बॉक्स अनिवार्य रखने तथा मौसमी बीमारियों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खेलों में रुचि रखने वाले छात्र-छात्राओं का बस्तर ओलम्पिक में पंजीयन कराने को कहा गया। छात्रों को नाश्ता, मध्यान्ह भोजन और रात्रि भोजन में प्रोटीनयुक्त साग-सब्जियां अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा प्रतिदिन भोजन की तस्वीरें नोडल अधिकारी को भेजने के निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान अधीक्षक, अधीक्षिका की उपस्थिति अनिवार्य की गई। दशहरा व दीपावली की छुट्टियों में छात्रों को केवल माता-पिता की उपस्थिति में ही घर भेजने के निर्देश दिए गए।

सेवा पखवाड़ा आश्रम-छात्रावासों में निबंध, चित्रकला और खेल गतिविधियां अनिवार्य रूप से आयोजित कर प्रतिवेदन व फोटोग्राफ कार्यालय भेजने को कहा गया। उत्कर्ष विद्यालयों में प्रवेश की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं चलाने, सामान्य ज्ञान से संबंधित रोजाना 2 जानकारी देने तथा छोटे-छोटे क्विज प्रतियोगिताएं कराने के निर्देश दिए गए। कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।

कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास हेतु अधीक्षक-अधीक्षिकाओं को अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करना होगा। बैठक में सीईओ जिला पंचायत नम्रता चैबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास देवेन्द्र सिंह उपस्थित थे।

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