प्रदेश प्रभारी और संगठन महामंत्री को बिहार के 12 जिलों में 58 विधानसभा क्षेत्रों की देखरेख

भोपाल
 बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने कमर कस ली है। ⁠मध्य प्रदेश बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा को बिहार चुनाव में बड़ी ज़िम्मेदारी मिली है। वीडी शर्मा पटना जोन की 8 लोकसभा और 42 विधानसभा सीट का कमान संभालेंगे।

पटना में वीडी शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दरअसल, बीजेपी ने एमपी की तर्ज पर बिहार में बूथ मैनेजमेंट का प्लान बनाया है। जिसमें वीडी शर्मा की भूमिका अहम है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बाद वीडी शर्मा ने पटना में मोर्चा संभाल लिया है। उनका बूथ मैनेजमेंट और शक्ति केंद्रों पर फोकस रहेगा।

बेगूसराय सीट पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक
⁠विष्णुदत्त शर्मा ने जिम्मेदारी मिलते ही बिहार की मुंगेर और बेगूसराय लोकसभा सीट के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक ली। जिसमें विधानसभा का हाल जाना। वहीं वीडी शर्मा ने ⁠बेगूसराय से सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से भी बिहार चुनाव पर चर्चा की। वीडी शर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरने के लिये प्रोत्साहित किया। बैठक में महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहीं।

देवरिया के विधायक साथ में मौजूद
कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान विष्णुदत्त शर्मा के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, हरियाणा के पूर्व मंत्री हसीन जी यूपी से देवरिया के विधायक शलभ मणि त्रिपाठी भी मौजूद रहे। बता दें कि वीडी शर्मा के नेतृत्व में बीजेपी ने एमपी विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। वहीं लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी ने 29 सीटों पर बाजी मार ली। अब वे सिर्फ सांसद हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मप्र के दिग्गज नेताओं की बीजेपी ने तैनाती की है। मप्र भाजपा के प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह को बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए बिहार को 5 जोन में बांटा है।

महेन्द्र और हितानंद 12 जिलों की 58 सीटें कवर करेंगे एमपी बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ महेन्द्र सिंह और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा मिथिला और तिरहुत जोन में करीब 12 जिलों की 58 विधानसभा सीटें और 10 लोकसभाएं शामिल हैं। इन इलाकों में यूपी के दिग्गज नेताओं को एक-एक लोकसभा में तैनात किया गया है।

जामवाल की सारण और चंपारण में ड्यूटी बीजेपी के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल को सारण और चंपारण क्षेत्र की करीब 45 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी गई है।

एमपी के 6 दिग्गजों की इन क्षेत्रों में तैनाती बीजेपी ने मप्र के 6 बडे़ नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अलग-अलग इलाकों में तैनाती की है। इनमें बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा को पटना और बेगूसराय क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है।

खेल मंत्री विश्वास सारंग को सिवान, पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया को गोपालगंज, उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया को गया, खरगोन सांसद गजेन्द्र पटेल को खगड़िया, पूर्व सांसद डॉ केपी यादव को समस्तीपुर में भेजा गया है।

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति