27 साल बाद शारदीय नवरात्र में बना अद्वितीय संयोग, जानें इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व

आज शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी मनाई जा रही, जिस दिन मां महागौरी की उपासना होती है. 1 अक्टूबर यानी कल नवरात्र का समापन महानवमी के दिन होगा. यह पर्व हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नौ दिनों तक चलता है. इन नौ दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसे ‘शारदीय नवरात्र’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह शरद ऋतु में आता है.

शारदीय नवरात्र का महत्व सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी खास है. ऐसा माना जाता है कि इन दिनों में साधना, पूजा और भक्ति करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्र में बहुत ही खास संयोगों का निर्माण हुआ है, तो चलिए जानते हैं उन शुभ संयोगों के बारे में.

9 की जगह 10 दिन के हैं नवरात्र 

ज्योतिष जानकारी के मुताबिक, शारदीय नवरात्र इस बार 9 दिनों के बजाय 10 दिनों के हैं. दरअसल, इस बार तृतीया तिथि 2 दिन पड़ी, 27 साल बाद इस अद्भुत संयोग का निर्माण हो रहा है. इससे पहले ऐसे संयोग का निर्माण सन् 1998 में हुआ था. उस साल में चतुर्थी तिथि 2 दिनों की थी, उस दौरान 1998 में दो दिन कूष्मांडा मां की पूजा हुई थी. ज्योतिषियों के अनुसार, नवरात्र के दिनों में बढ़ती तिथि को शुभ और सकारात्मक माना जाता है, जबकि घटती तिथि को अशुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इन शुभ तिथियों में पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शक्ति की प्राप्ति हो सकती है. पंचांग के मुताबिक, इस बार शारदीय नवरात्र की बढ़ती तिथि के कारण 10वें दिन यानी 2 अक्टूबर को दशहरा का त्योहार मनाया जाएगा.  

नवरात्र में बन रहे हैं ये संयोग

इसके अलावा, ग्रह और नक्षत्रों के नजरिए से यह शारदीय नवरात्र बहुत ही विशेष मानी जा रही है क्योंकि इस दौरान 3 बार रवि योग का निर्माण हो रहा है, इसके अलावा, गजकेसरी योग का संयोग भी बन रहा है, बुधादित्य योग का निर्माण भी हो रहा है.   

शारदीय नवरात्र 2025 उपाय 

1. धन और बरकत के लिए

शारदीय नवरात्र के दिनों में सुबह-शाम मां लक्ष्मी और मां दुर्गा को लाल फूल और सिंदूर चढ़ाएं. घर में लक्ष्मी माता के मंत्र का जाप करने से धन संबंधी रुकावटें दूर होती हैं.

2. परिवार में सुख-शांति के लिए

शारदीय नवरात्र में रोजाना दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करना चाहिए. माना जाता है कि इससे व्यक्ति के जीवन की रुकावटें धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं. साथ ही, घर परिवार सुख शांति का आगमन होने लगता है.

3. सकारात्मक ऊर्जा के लिए

शारदीय नवरात्र में देवी मां को नारियल चढ़ाकर लाल धागे में बांधकर घर में मुख्य दरवाजे पर लटकाएं. इससे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करेगी.

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