बालोद : आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति हेतु श्रीमती फुलकुंवर बाई का नाम शामिल, प्राथमिकता क्रम पर मिलेगा लाभ

बालोद : आवास प्लस सर्वे 2.0 के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति हेतु श्रीमती फुलकुंवर बाई का नाम शामिल, प्राथमिकता क्रम पर मिलेगा लाभ

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दी जानकारी

बालोद

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम कसहीकला की श्रीमती फुलकुंवर बाई को प्राथमिकता क्रम में योजना का लाभ दिलाया जाएगा। जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2025 में आवास प्लस सर्वे 2.0 द्वारा छुटे हुए पात्र परिवारों का नाम जोड़ने का कार्य आवास प्लस ऐप द्वारा किया गया है। जिसमें श्रीमती फुलकुंवर बाई पति गैंद लाल का नाम सूची में जोड़ने की कार्यवाही हो चुकी है एवं भविष्य में शासन के निर्देशानुसार नियमानुसार प्राथमिकता क्रम में योजना का लाभ श्रीमती फुलकुंवर बाई को दिया जाएगा।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति