मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जुड़ी 1,500 से अधिक बालिकाएं

मिशन शक्ति 5.0

कन्या पूजन समारोहों में शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर जोर, मिशन शक्ति की प्रतिबद्धता को मिली मजबूती

लखनऊ
नवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आह्वान पर पूरे उत्तर प्रदेश में 30 सितंबर एवं 1 अक्टूबर को अष्टमी-नवमी तिथियों पर आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। अष्टमी के दिन पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। साथ ही इन आयोजनों में 1,500 से अधिक बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा भी गया है।

मिशन शक्ति 5.0 के तहत बालिकाओं का कन्या पूजन धार्मिक परंपरा का निर्वहन भर ही नहीं रह गया है, बल्कि समाज में कन्या जन्म को उत्सव के रूप में स्थापित करने वाली सामाजिक क्रांति का प्रतीक भी बना है। बीते 20 सितंबर को शुरु हुए मिशन शक्ति 5.0, महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का व्यापक अभियान बन गया है। कन्या पूजन के माध्यम से योगी सरकार ने समाज को गहरा संदेश भी दिया, जिसके तहत बेटियों को परिवार और समाज की आधारशिला के रूप में बताया गया है। विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में महिला कल्याण बेबी रानी मोर्या, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में ये कार्यक्रम आयोजित हुए। 

बालिकाओं को दी गई महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी, कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए
अष्टमी के दिन विभिन्न विभागों और संस्थाओं के माध्यम से पूरे प्रदेश में 5 लाख से अधिक कन्याओं का सम्मानजनक पूजन किया गया। इन आयोजनों का मूल उद्देश्य कन्या जन्म को बोझ न मानकर आशीर्वाद के रूप में देखने को प्रेरित किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोकगीतों और संवाद सत्रों के जरिए बालिकाओं को शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया। 

कार्यक्रम स्थल पर विशेष काउंटरों पर कन्या सुमंगला योजना के फॉर्म भरवाए गए, जो मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में बालिकाओं को जन्म से उच्च शिक्षा तक 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। परिवारों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर अधिकतम लाभ सुनिश्चित किया गया। मिशन शक्ति के तहत बाल विवाह, शिक्षा वंचना और स्वास्थ्य उपेक्षा जैसी कुरीतियों के खिलाफ अभियान चलाया गया, जो नारी सुरक्षा के मूल सिद्धांत को मजबूत करता है।

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि कन्या पूजन केवल अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज को संदेश है कि बेटियां हमारी शक्ति और भविष्य की धरोहर हैं। मिशन शक्ति हर कन्या को सुरक्षित-सशक्त बनाने का संकल्प है। वहीं महिला कल्याण निदेशक संदीप कौर ने कहा कि यह समारोह कन्याओं के प्रति सकारात्मक सोच का विस्तार करेगा। आज हमें यह समझने की आवश्यकता है कि हर बेटी अपने साथ परिवार और समाज के लिए उज्ज्वल भविष्य की संभावना लेकर आती है। मिशन शक्ति बेटियों के सशक्तिकरण की यह लौ पूरे प्रदेश में प्रज्वलित कर रहा है।

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