मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति किया सम्मान प्रकट

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूज्य बापू 'राष्ट्रपिता' महात्मा गाँधी जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हम उस युगपुरुष का स्मरण कर रहे हैं, जिन्होंने अपने सत्य, अहिंसा और करुणा के मंत्र से न केवल भारत वर्ष की चेतना जगाई, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता का नया मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वराज, स्वावलंबन और स्वच्छता के विचार वर्तमान में भी प्रेरणा-पुंज हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस' पर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य के प्रति सम्मान प्रकट किया। उल्लेखनीय है कि शांति और अहिंसा के वैश्विक प्रतीत महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर शांति और सहिष्णुता की सामर्थ्य को सम्मान देने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाई जाती है।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति