मसालेदार खाना छोड़कर भी हो सकता है एसिड रिफ्लक्स! इन 5 कारणों से रहें सतर्क

त्योहारों के समय में कुछ हैवी खा लेने या कई बार बिना कारण भी सीने में जलन होने लगती है। सीने में जलन या हार्टबर्न को एसिड रिफ्लक्स के रूप में भी जाना जाता है।

इसमें अधपचा खाना गले या मुंह में लौटकर आने लगता है। इससे मुंह का स्वाद कड़वा हो जाता है। आइए जानते हैं, ऐसा क्यों होता है, इसकी पहचान और बचाव कैसे करें।

क्यों बढ़ जाता है एसिड रिफ्लक्स का खतरा

खाने में जरूरत से ज्यादा मसाले या मिर्च का इस्तेमाल एसिड रिफ्लक्स का कारण बन सकता है। इसके अलावा भी इसके कुछ कारण हो सकते हैं:

    ओवरवेट होना या मोटापा
    स्मोकिंग
    प्रेग्नेंसी
    कुछ खास दवाएं

ये हैं लक्षण

    सीने में जलन: पेट में मौजूद एसिड सीने में जलन पैदा करता है।
    गले या मुंह का कड़वा स्वाद: सिर्फ एसिड ही नहीं कई बार अधपचा खाना भी वापस लौटकर आपके गले या मुंह में आ जाता है और कड़वेपन का एहसास होता है।
    डकारें: खाना खाने के दौरान कई बार हवा भी अंदर चली जाती है। ऐसा होने से खाना पचने के दौरान गैस बनने लगती है। इससे डकारें आने लगती हैं।
    सीने में दर्द: एसिड रिफ्लक्स का यह लक्षण हार्ट अटैक होने का संदेह पैदा करता है। लेकिन इन दोनों में अंतर किया जा सकता है।
    गले में खराश या आवाज बदल जाना: पेट के एसिड की वजह से गले में खराश की समस्या भी हो सकती है। साथ ही यह आपके आवाज में भी बदलाव ला सकता है।
    लगातार खांसी होना: एसिड रिफ्लक्स में ऐसा लगता है कि आपके गले में कुछ अटका हुआ है, लेकिन ऐसा ज्यादा म्युकस बनने की वजह से होता है। ऐसा होने से आप उसे बाहर निकालने की कोशिश करते हैं और आपको खांसी आती है।

इन घरेलू उपायों से मिल सकती है राहत

यदि एसिड रिफ्लक्स की समस्या लगातार बनी हुई तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। कुछ घरेलू उपायों से भी इससे थोड़ी राहत पाई जा सकती है:-

    दही: यह खाने की नली को आराम पहुंचाता है और यह पेट के लिए भी अच्छा माना जाता है।
    केला: इसका अल्कलाइन गुण ज्यादा एसिड बनने से रोकता है।
    दूध: इससे तत्काल के लिए सीने में जलन से राहत मिल सकती है।

 

admin

Related Posts

चाणक्य नीति के अनुसार: इन पारिवारिक बातों को बाहर बताया तो बिखर सकता है पूरा परिवार

कूटनीति और जीवन दर्शन के महानायक माने जाने वाले आचार्य चाणक्य की नीतियां आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी सदियों पहले थीं। चाणक्य नीति केवल राज्य चलाने का शास्त्र…

AI की रेस में चीन का Kling आगे? जानिए क्यों दुनियाभर में मचा रहा है तहलका

नई दिल्ली AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से वीडियो बनाने का ट्रैंड इन दिनों काफी चल रहा है। क्रिएटर्स के लिए AI एक जरूरी टूल बन गया है। चीन की कंपनी Kuaishou…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति