गांधी जी के जीवन आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल, गांधी भवन में पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का किया सम्मान

भोपाल 
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हम सभी के लिए गांधी जी का जीवन महान आदर्श है। उनके आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। हमारे गौरवशाली इतिहास के महानायकों और आदर्श चरित्रों के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखते हुए अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए।

राज्यपाल श्री पटेल, गांधी जयंती के अवसर पर गांधी भवन सभागृह में आयोजित पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थितजन को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती एवं विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जहाँ एक ओर गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिकता के बल पर हमें आजादी दिलाई और पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। वहीं आज के ही दिन जन्मे श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और "जय जवान, जय किसान" का मंत्र आज भी देश की प्रेरणा है। उनका जीवन सच्चे जनसेवक का आदर्श उदाहरण है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा की बच्चे देश का भविष्य है। विकसित भारत के कर्णधार है। उन्हें अपने आचार और व्यवहार को हमेशा उच्च स्तर का बनाएं रखना चाहिए। विजयादशमी पर्व के संदेश और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की आत्मनिर्भता और स्वदेशी विचारधारा को अपनाकर स्वदेशी अभियान को सफल बनाने का आहवान किया।

राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाई और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गांधी स्मृति स्थल पर आदरांजलि अर्पित की। गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने गांधी सप्ताह अंतर्गत “आओ जानें गांधी” प्रतियोगिता के विभिन्न श्रेणियों के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता श्री रघु ठाकुर और पद्मश्री श्री विजय दत्त श्रीधर ने गांधी दर्शन पर व्याख्यान दिया। स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में धर्मगुरू, गांधीवादी चिंतक, स्कूली बच्चें और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल का गांधी न्यास भवन के पदाधिकारियों ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।

 

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