संघ का 100वां समारोह: CM पिनाराई ने RSS और इजरायल के संबंधों पर जताई नाराज़गी

तिरुवनंतपुरम 
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है और संघ की इजरायल के जायोनीवादियों से तुलना करते हुए दोनों को 'जुड़वाँ भाई' करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये दोनों कई बातों पर एकमत हो सकते हैं। मुख्यमंत्री विजयन ने यह टिप्पणी कन्नूर में पूर्व माकपा राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन की स्मृति सभा में की। RSS के शताब्दी समारोह मनाने के केंद्र सरकार के कदम की आलोचना करते हुए पी विजयन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि RSS पर डाक टिकट और 100 रुपये का सिक्का जारी करना "हमारे संविधान का घोर अपमान" है।

उन्होंने आगे कहा कि ये सम्मान एक ऐसे संगठन को प्रभावी रूप से वैधता प्रदान करते हैं जिसने आजादी की लड़ाई से दूरी बनाए रखी और एक विभाजनकारी विचारधारा को बढ़ावा दिया। उन्होंने अपने पोस्ट में संघ के सम्मान को सच्चे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति और उनके द्वारा देखे गए धर्मनिरपेक्ष, एकीकृत भारत पर सीधा हमला बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल एक सिक्का या डाक टिकट जारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इतिहास को फिर से लिखने और हमारे सच्चे स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति का अपमान करना है।

अनगिनत देशभक्तों के बलिदान के साथ विश्वासघात
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई संविधान में निहित मूल्यों को कमज़ोर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला राष्ट्र की सामूहिक स्मृति पर हमला है, और कहा कि आरएसएस जैसे संगठनों ने स्वतंत्रता संग्राम से दूर रहने का विकल्प चुना था। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय सम्मान देना अनगिनत देशभक्तों के बलिदान के साथ विश्वासघात है।

गौरतलब है कि विपक्ष दल इस बात को लेकर सरकार की आलोचना कर रहे हैं कि केंद्र सरकार ने आरएसएस को उसकी विवादास्पद ऐतिहासिक भूमिका के बावजूद, मुख्यधारा के राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के कड़े शब्द बहुलवाद और समावेशिता में निहित आंदोलनों को दरकिनार करके भारत की स्वतंत्रता की कहानी को नया रूप देने की कोशिशों के खिलाफ एक व्यापक चेतावनी है।

कांग्रेस पर भी उठाए सवाल
बता दें कि संघ पर जारी डाक टिकट पर 1963 के गणतंत्र दिवस परेड में आरएसएस स्वयंसेवकों की भागीदारी को दर्शाया गया है। माकपा ने इसे इतिहास से छेड़छाड़ करार दिया है। विजयन ने कांग्रेस पर भी सवाल उठाया है और पूछा कि क्या पार्टी ने भारत भर के प्रमुख केंद्रों में फिलिस्तीन एकजुटता के लिए कोई कार्यक्रम आयोजित किया है।

 

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