वायुसेना चीफ ने बताया- अमेरिका और चीन दोनों के फाइटर जेट ऑपरेशन सिंदूर में गिराए

नई दिल्ली  
भारतीय वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के लगभग 12 विमानों को नुकसान पहुंचाया। इसमें अमेरिका और चीन के फाइटर जेट्स भी शामिल हैं। वायुसेना प्रमुख सिंह ने कहा कि भारत ने अमेरिका के एफ-16 और चीन के जेएफ-17 क्लास के पांच फाइटर जेट्स को मार गिराया। मालूम हो कि पाकिस्तान के पास बड़ी संख्या में चीन और अमेरिका के फाइटर जेट्स मौजूद हैं, जिसका उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया था।

अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पीओके में ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। पहली रात लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने चीन, अमेरिका और तुर्की के हथियारों की मदद से भारत पर हमले की नाकाम कोशिशें कीं। इसके बाद भारत ने पाक के कई एयरबेस को भी तबाह कर दिया।

भारतीय वायु सेना के वार्षिक दिवस पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "जहां तक वायु रक्षा का सवाल है, हमारे पास एक लंबी दूरी के हमले के सबूत हैं। साथ ही, पांच फाइटर जेट्स, जो एफ-16 और जेएफ-17 कैटेगरी के बीच के उच्च तकनीक वाले हैं, ऐसा हमारी प्रणाली बताती है।" एफ-16 अमेरिका में निर्मित फाइटर जेट है, जबकि जेएफ-17 चीन में निर्मित है। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा, "…जहां तक ​​पाकिस्तान के नुकसान का सवाल है…हमने बड़ी संख्या में उनके एयरफील्ड्स पर हमला किया है और हमने बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों पर हमला किया है। इन हमलों के कारण, कम से कम चार स्थानों पर रडार, दो स्थानों पर कमांड और नियंत्रण केंद्र, दो स्थानों पर रनवे क्षतिग्रस्त हो गए, फिर तीन अलग-अलग स्टेशनों में उनके तीन हैंगर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हमारे पास एक सी-130 श्रेणी के विमान के संकेत हैं और कम से कम 4 से 5 फाइटर जेट्स। सबसे अधिक संभावना एफ-16 की हैं, क्योंकि वह स्थान एफ-16 था और उस समय जो कुछ भी रखरखाव में था।"
एफ-16 फाइटर जेट्स की क्या हैं खूबियां

अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट एक सिंगल इंजन वाला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है, जिसे अब लॉकहीड मार्टिन नामक कंपनी बनाती है। 1976 से अब तक 4600 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का निर्माण किया जा चुका है। यह सभी मौसम में काम करता है और दुश्मन देश के ठिकाने पर सटीक हमले करने के लिए जाना जाता है। पाकिस्तान ने अब तक अमेरिका से कुल 85 एफ-16 फाइटर जेट्स खरीदे हैं, जिसमें से 75 काम कर रहे हैं। हवा से सतह पर मार करने की क्षमता के साथ, एफ-16 500 मील (860 किलोमीटर) से अधिक की उड़ान भर सकता है। अपने हथियारों को बेहतर सटीकता के साथ गिरा सकता है और दुश्मन के विमानों से अपनी रक्षा कर सकता है। इसके बाद अपने प्रारंभिक प्वाइंट पर वापस लौट सकता है।

चीन से खरीदे गए जेएफ-17 फाइटर जेट्स के फीचर्स
चीन द्वारा निर्मित किए गए जेएफ-17 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल पाकिस्तान, म्यांमार, अजरबैजान समेत कई अन्य देश करते हैं। इसमें जेएफ का मतलब ज्वाइंट फाइटर है। यह एक चौथी पीढ़ी का हल्का सिंगल इंजन वाला, बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जिसे चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (सीएसी) और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) ने संयुक्त रूप से बनाया है। जेएफ-17 का इस्तेमाल कई भूमिकाओं के लिए किया जा सकता है, जिसमें दूसरे फाइटर जेट्स को इंटरसेप्ट करना, जमीनी हमला करना, एंटी शिप और हवाई टोही शामिल है।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति