सन्नाटा छा गया खंडवा में, 11 बच्चों की अर्थी उठी; PM और राहुल गांधी ने व्यक्त किया दुख

भोपाल
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पंधाना में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भी दुख जाहिर किया है। उन्होंनें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतक के परिजनों को दो लाख और घायल कों 50 हजार देने की घोषणा की हैं। वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया हैं। PMO की ओर से जारी की गई पोस्ट में लिखा है कि ‘मध्य प्रदेश के खंडवा में हुए एक हादसे में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

राहुल गांधी ने भी जताया दुख
वहीं राहुल गांधी ने भी दिख जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि मध्यप्रदेश में प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई दुर्घटनाओं में कई लोगों की मृत्यु, जिनमें अधिकतर बच्चे हैं, अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों और बच्चों के अभिभावकों के साथ हैं। हादसों में घायल लोगों की कुशलता और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूं।

CM ने भी किया मुआवजे का ऐलान
वहीं आपको बता दें कि सीएम मोहन यादव ने भी शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा भी की हैं।

खंडवा में दर्दनाक हादसे ने नम करदीं सभी की आंखें
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में गुरुवार की खुशियों और उत्साह से भरी शोभायात्रा अब पाडलफाटा गांव के लिए असहनीय दर्द में बदल गई है। कल तक जहां गांव के बच्चे और युवा डीजे पर थिरक रहे थे, आज वही गली रोते-बिलखते परिजनों की चीखों से गूंज रही हैं। शुक्रवार सुबह प्रशासन ने 11 मृतकों के शवों को पंधाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एक-एक कर एम्बुलेंस में गांव लाया। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस का भारी बल गांव में तैनात किया गया है। एडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर और डीएसपी हेडक्वार्टर अनिल सिंह चौहान भी मौके पर मौजूद हैं। सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली कहानी है 8 साल की चंदा की। उसका शव सबसे आखिरी पानी से निकाला गया। उसकी दो छोटी बहनें उसी के पास खेल रही थीं, और उन्हें अभी तक पता नहीं कि उनकी बड़ी बहन अब इस दुनिया में नहीं रही। 

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