मध्यप्रदेश रणजी टीम की कमान अब रजत पाटीदार के हाथ, पंजाब से पहले मैच में होगी अग्नि परीक्षा

इंदौर 

मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने आगामी रणजी सीजन के लिए अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार को टीम का कप्तान नियुक्त किया है। इंदौर के इस होनहार क्रिकेटर ने अपने प्रदर्शन से न केवल घरेलू क्रिकेट में बल्कि आईपीएल में भी अलग पहचान बनाई है। अब वे पहली बार रणजी ट्रॉफी में एमपी टीम की कमान संभालते नजर आएंगे।

15 अक्टूबर से होगा मुकाबला, इंदौर में जुटेंगी टीमें
रणजी सीजन का पहला मुकाबला 15 अक्टूबर से इंदौर के एमरल्ड हाइट्स स्कूल मैदान में खेला जाएगा। इस मैच में मध्यप्रदेश और पंजाब की टीमें आमने-सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच खास रहेगा, क्योंकि अपने ही शहर के मैदान पर कप्तान के रूप में रजत पाटीदार की यह पहली बड़ी जिम्मेदारी होगी।

इंदौर से आईपीएल तक का सफर
रजत पाटीदार का क्रिकेट सफर इंदौर से शुरू हुआ था। उन्होंने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की ओर से शानदार खेल दिखाया और टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई। उनकी जिम्मेदार बल्लेबाजी और स्थिरता ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

एमपी क्रिकेट के लिए नई उम्मीद
रजत पाटीदार की कप्तानी में एमपी टीम से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। एमपीसीए के अधिकारियों और प्रशंसकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में टीम एक बार फिर रणजी खिताब की दौड़ में मजबूती से वापसी करेगी। टीम के युवा खिलाड़ियों को भी रजत के अनुभव से प्रेरणा और मार्गदर्शन मिलेगा। 

आरसीबी की टीम को जिताया था खिताब

इससे पहले रजत पाटीदार की अगुवाई में ही आरसीबी की टीम ने अपना पहला आईपीएल खिताब जीता था और 18 साल का सूखा खत्म किया था। आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी की टीम ने पंजाब किंग्स की टीम को 6 रनों से हराया था। इसके अलावा पाटीदार बेहतरीन बल्लेबाजी में माहिर हैं और परिस्थितियों को जल्दी ही भांप लेते हैं और उसी अनुसार बैटिंग करते हैं।
दो चरणों में आयोजित होगी रणजी ट्रॉफी 2025-26

रणजी ट्रॉफी 2025-26 को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण के मुकाबले 15 अक्टूबर से 19 नवंबर तक खेले जाएंगे। इसके बाद दूसरा चरण 22 जनवरी से 1 फरवरी तक चलेगा। नॉकआउट मुकाबले 6 से 28 फरवरी तक खेले जाएंगे। मध्य प्रदेश ने रणजी ट्रॉफी 2022 का खिताब घरेलू क्रिकेट का पावरहाउस समझे जाने वाली मुंबई को हराकर खिताब जीता था। तब फाइनल में मध्य प्रदेश ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी और उसके कप्तान आदित्य श्रीवास्तव थे।

रजत वर्तमान में ईरानी ट्राफी में शेष भारत की कमान संभाल रहे हैं। वहीं मध्य प्रदेश की टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच युवा आफ स्पिनर अधीर प्रताप सिंह को अवसर मिला है। दिल्ली से तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को टीम में जगह नहीं दी गई है। उनकी जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अरशद खान को शामिल किया गया है। चोट से उबर रहे तेज गेंदबाज आवेश खान भी टीम में शामिल नहीं हैं।

वेंकटेश अय्यर भी टीम में

बाएं हाथ के बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर भी टीम में हैं। उनके अलावा एक अन्य बाएं हाथ के बल्लेबाज हरप्रीत सिंह भाटिया को भी चयनकर्ताओं ने शामिल किया है। पिछले सत्र में मप्र टीम में शामिल रहे तेज गेंदबाज कुलवंत खेजरोलिया को जगह नहीं देते हुए स्थानीय युवा अरशद खान को अवसर मिला है। अरशद ने आईपीएल में प्रभावित किया था। टीम का भार तेज गेंदबाज अरशद, कुलदीप सेन और अनुभव अग्रवाल के कंधों पर होगा। कुमार कार्तिकेय सिंह और सारांश जैन स्पिन गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई करेंगे। सारांश के विकल्प के रूप में अधीरप्रताप सिंह को शामिल किया गया है।

15 अक्टूबर से मुकाबला

मध्य प्रदेश रणजी टीम अपने अभियान की शुरुआत पंजाब के खिलाफ करेगी। यह मुकाबला इंदौर में ही 15 अक्टूबर से खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच पिछले पांच में से दो मैचों में पंजाब ने सीधी जीत हासिल की है जबकि एक मैच मध्य प्रदेश ने जीता है। दोनों के बीच पिछली टक्कर गत वर्ष अक्टूबर में ही चंडीगढ़ में हुई थी। मैच ड्रा रहा था, लेकिन पंजाब ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर अंक हासिल किए थे। पिछले सत्र में मप्र रणजी टीम की कमान इंदौर के शुभम शर्मा ने संभाली थी, जो इस सत्र में सत्र में बतौर बल्लेबाज टीम में शामिल हैं।

रणजी ट्रॉफी फाइनल 2022 में पाटीदार का शतक

रजत पाटीदार इंदौर के रहने वाले हैं। उनके परिवार में पिता मनोहर पाटीदार, मां मंजू पाटीदार, भाई महेंद्र पाटीदार और बहन सुनीता पाटीदार हैं। रजत ने न्यू दिगंबर जैन पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की है। उनकी जर्सी का नंबर 87 है। मध्यप्रदेश के कोच चंद्रकांत पंडित के समय रजत पाटीदार मप्र टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक माने जाते थे। रजत ने कई मुश्किल मौकों पर टीम को संभाला और अहम पारियां खेलीं। रणजी ट्रॉफी 2022 के फाइनल रजत पाटीदार के करियर का यादगार लम्हा बन गया। फाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को मध्यप्रदेश की टीम ने हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी खिताब अपने नाम किया। इस जीत में रजत की अहम भूमिका रही। रजत ने 219 गेंदों में 121 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी।

रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लिए मध्य प्रदेश की टीम का स्क्वाड:

रजत पाटीदार (कप्तान), यश दुबे, हर्ष गवली, शुभम शर्मा, हिमांशु मंत्री, हरप्रीत सिंह, वेंकटेश अय्यर, सागर सोलंकी, कुमार कार्तिकेय, सारांश जैन, अधीर प्रताप, आर्यन पांडे, अरशद खान, अनुभव अग्रवाल और कुलदीप सेन।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति