चतुर्थी तिथि को लेकर भ्रम: करवा चौथ 9 या 10 अक्टूबर? यहां जानें सटीक जानकारी

करवा चौथ का व्रत कार्तिक संकष्टी चतुर्थी को रखते हैं. उस दिन कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि होती है. इस बार चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर और 10 अक्टूबर दो दिन है, इस वजह से करवा चौथ की तारीख पर लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति है. करवा चौथ का व्रत 9 अक्टूबर को रखा जाएगा या​ फिर 10 अक्टूबर को? इस सवाल ने सुहागन महिलाओं को परेशान कर ​रखा है. आइए जानते हैं कि करवा चौथ की सही तारीख क्या है? करवा चौथ का व्रत किस दिन रखना सही है? करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा?

करवा चौथ की सही तारीख

पंचांग से देखा जाए तो करवा चौथ की कार्तिक कृष्ण चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को रात 10:54 बजे से शुरू हो रही है, जो 10 अक्टूबर को शाम 7:38 बजे तक है. करवा चौथ के व्रत के लिए चतुर्थी तिथि में चंद्रमा का उदित होना यानि चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी महत्वपूर्ण है. इस आधार पर देखा जाए तो 9 अक्टूबर को चतुर्थी तिथि में चंद्रमा पहले से ही उदित है. उस दिन चंद्रोदय शाम को 07:22 पी एम पर तृतीया तिथि में हो रहा है. वहीं 10 अक्टूबर को चंद्रोदय चतुर्थी तिथि के बाद हो रहा है.

देखा जाए तो चतुर्थी तिथि 9 अक्टूबर को देर रात शुरू हो रही है और चतुर्थी में चंद्रोदय नहीं, जबकि 10 अक्टूबर को उदयातिथि के अनुसार चतुर्थी तिथि सूर्योदय के साथ ही प्राप्त हो रही है, लेकिन चंद्रोदय चतुर्थी तिथि में नहीं हो रहा है. इस दिन भी चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी तिथि प्राप्त नहीं हो रही है. ऐसी स्थिति में उदयातिथि को मानते हुए करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर शुक्रवार को रखा जाएगा. उस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होगा.

करवा चौथ पूजा मुहूर्त

करवा चौथ के दिन व्रती महिलाएं प्रदोष काल में माता गौरी, भगवान शिव और गणेश जी की पूजा करती हैं. इस साल 10 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा का मुहूर्त शाम 5 बजकर 57 मिनट से शाम 7 बजकर 11 मिनट तक है. करवा चौथ की रात लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:02 पी एम से 10:35 पी एम तक है.

करवा चौथ पर चंद्रोदय समय

इस साल करवा चौथ पर चांद रात में 08 बजकर 13 मिनट पर निकलेगा. इस समय से महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देंगी और पारण करके व्रत को पूरा करेंगी.
चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय आपको नीचे दिए गए मंत्र का उच्चारण करना चाहिए.

गगनार्णवमाणिक्य चन्द्र दाक्षायणीपते।
गृहाणार्घ्यं मया दत्तं गणेशप्रतिरूपक॥

करवा चौथ व्रत के नियम

करवा चौथ के दिन सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. निर्जला व्रत के शुरू करने से पहले सरगी ग्रहण करते हैं, फिर सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक बिना अन्न और जल के व्रत रखती हैं. शाम की पूजा और चंद्र अर्घ्य के बाद पारण किया जाता है. इस बार महिलाओं को करीब 14 घंटे का निर्जला व्रत रखना होगा.

 

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