मां वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने घोषणा की: यात्रा 5 अक्टूबर से तीन दिन के लिए रोकी गई

कटरा
श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर अभी-अभी बड़ी खबर सामने आई है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पहले ट्विटर) पर जानकारी दी है कि मौसम विभाग की चेतावनी के कारण यात्रा आज  5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित कर दी गई है।श्राइन बोर्ड ने कहा है कि यात्रा 8 अक्टूबर 2025 से पुनः शुरू होगी। आधिकारिक सूत्रों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा की नई जानकारी के लिए हमेशा श्राइन बोर्ड के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। साथ ही सभी से कहा गया है कि वे सुरक्षित रहें और मौसम की जानकारी पर ध्यान दें। 

 माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी खराब मौसम संबंधी सलाह के मद्देनजर वैष्णो देवी यात्रा 5 से 7 अक्टूबर 2025 तक स्थगित रहेगी और 8 अक्टूबर को फिर से शुरू होगी। भक्त आधिकारिक चैनलों के माध्यम से अपडेट रह सकते हैं।

26 अगस्त को मंदिर मार्ग पर हुई लैंडस्लाइड

बता दें कि जम्मू संभाग में 26 अगस्त को अत्यधिक खराब मौसम के दौरान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर भूस्खलन होने से 35 से अधिक तीर्थयात्रियों की जान चली गई थी और 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। इसके कारण माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित कर दी गई थी। कटरा में पिछले दिनों हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने होटल और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश जारी किया था।

भूस्खलन त्रासदी के बाद, माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की आलोचना हुई थी, यहां तक कि जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी यात्रा के मामलों का प्रबंधन करने वाले एसएमवीडीएसबी के अधिकारियों को दोषी ठहराया था। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीन दिन बाद माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन की घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया था। 

दिल्ली, पंजाब समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना

इस सप्ताह उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 4 से 7 अक्टूबर के दौरान दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। खासकर 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी (ऑरेंज अलर्ट) जारी की गई है। राजस्थान के पश्चिमी और उत्तरी भागों में भी इसी अवधि में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में वर्षा के कारण दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे मौसम सुहावना रहेगा, लेकिन कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है।

पूर्वी, पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत में कैसा रहेगा मौसम?

बात अगर पूर्वी भारत की करें तो ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी 4 से 7 अक्टूबर के बीच गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि ओडिशा के कुछ जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जिसके कारण भूस्खलन और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा में भी अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहने रहेगा। प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो दक्षिण प्रायद्वीप के तटीय क्षेत्रों जैसे आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु और तेलंगाना में भी भारी बारिश की संभावना है।

सात अक्टूबर के बाद सामान्य होगी मौसम की ‌स्थिति

मौसम विभाग का कहना है कि लगभग 7 अक्टूबर के बाद, उत्तर भारत और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने और सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने की शुरुआत हो सकती है, जो मॉनसून की विदाई का संकेत है। हालांकि, दक्षिणी राज्यों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है। मुंबई और अन्य पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में मानसून की वापसी में थोड़ी देरी हो सकती है, जिससे रुक-रुक कर बारिश और उमस भरी गर्मी का अनुभव हो सकता है।

अगस्‍त में भीषण लैंडस्‍लाइड

बता दें कि अगस्‍त के अंतिम सप्‍ताह में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर स्थित अर्धकुवारी में लैंडस्लाइड की घटना हुई थी. श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने बताया था कि लैंडस्लाइड इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास हुआ. इस हादसे में जानमाल का व्‍यापक पैमाने पर नुकसान हुआ था. तकरीबन तीन दर्जन श्रदधालुओं की मौत हो गई थी. यात्रा मार्ग फिर से बहाल करने में कई दिन का वक्‍त लग गया था. इस दौरान भक्‍तों के लिए माता वैष्‍णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया था. उस समय हुई प्राकृतिक आपदा से सबक लेते हुए प्रशासन इस बार कोई खतरा नहीं उठाना चाहता है. मौसम विभाग की चेतावनी आने के तुरंत बाद यात्रा को रोकने का आदेश जारी कर दिया गया.

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