राजा तालाब में मिले सैकड़ों ओरिजनल वोटर आईडी कार्ड,बिजावर में मचा हड़कंप

ओबीसी नेता ग्याप्रसाद पटेल बोले; बिजावर विधायक धांधली कर चुनाव जीते

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, छतरपुर जिला भी नहीं अछूता वोट चोरी के मामले से, चुनाव आयोग और प्रशासन पर उठे सवाल
छतरपुर

छतरपुर जिले के बिजावर नगर में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब राजा तालाब की सफाई के दौरान सैकड़ों असली मतदाता परिचय पत्र (वोटर कार्ड) पानी में मिले। यह सभी मतदाता परिचय पत्र वार्ड नंबर 15 के बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी गई है।

तालाब से निकले सैकड़ों असली मतदाता पहचान पत्र सूत्रों के अनुसार, सफाईकर्मी जब राजा तालाब की सफाई कर रहे थे, तभी पानी में एक बैग (पोटली) तैरती हुई दिखाई दी। जब बैग को बाहर निकाला गया, तो उसमें सैकड़ों ओरिजनल वोटर आईडी कार्ड पाए गए। 

मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना तुरंत नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। प्रत्यक्षदर्शी हीरालाल साहू ने बताया, “हमने देखा कि बैग में करीब 400 से 500 वोटर आईडी कार्ड थे। उन्हौने बताया कि हमारे लड़के का कार्ड भी शामिल है।” वहीं मतदाता रितेश अग्निहोत्री ने कहा कि “ये सभी कार्ड हमारे वार्ड नंबर 15 के हैं और असली हैं।”

सवालों के घेरे में प्रशासन और चुनाव आयोग; स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह वही मतदाता परिचय पत्र हैं, जो अब तक नागरिकों को बांटे नहीं गए थे। इससे बड़ा सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में वोटर कार्ड तालाब में कैसे पहुंचे और किसने इन्हें फेंका..? प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित BLO (बीएलओ) से पूछताछ की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कांग्रेस ने साधा सरकार पर निशाना; मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष एवं संभागीय प्रवक्ता दीप्ति पांडे ने कहा: “बिजावर की यह तस्वीर राहुल गांधी की ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ मुहिम को साफ तौर पर दर्शा रही है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

वहीं कांग्रेस जिला अध्यक्ष गगन यादव ने कहा-'छतरपुर जिला भी अब वोट चोरी की घटनाओं से अछूता नहीं रहा। बिजावर विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों वोटर कार्ड तालाब में मिले हैं। जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग को इसकी तत्काल जांच कर स्पष्ट करना चाहिए कि ये कार्ड कहां से आए और किसने फेंके। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस पार्टी अपना आंदोलन शुरू करेगी।”

बिजावर विधायक से संपर्क नहीं हो सका; इस घटना को लेकर बिजावर विधायक राजेश (बबलू) शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। ओबीसी नेता गयाप्रसाद पटेल ने कहा कि बिजावर विधायक धांधली कर चुनाव जीते थे जो छुप नही सका। वही नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही की संपूर्ण जांच कर दोषियों को जेल भेजा जाए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति