राज्यपाल रमेन डेका बोले – सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर,

राज्यपाल  रमेन डेका ने सरगुजा जिले के प्रवास के दौरान सोमवार को आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के जनपद पंचायत सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली।  सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।   

राज्यपाल डेका ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पीएम आवास, सामाजिक विकास, वित्तीय समावेशन एवं बुनियादी ढांचे के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने सभी विकासात्मक कार्यों को शत प्रतिशत क्रियान्वयन करने पर जोर देते कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाएं एवं मुख्यधारा में जोड़ने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।

डेका ने जल संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम में जल संचयन के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने डबरी निर्माण, शोख पिट (सोखता गड्ढा), इंटकवेल जैसे संरचनात्मक कार्य तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए ताकि वर्षा जल का अधिक से अधिक संग्रहण हो सके और भू-जल स्तर में सुधार हो सके। बैठक में पर्यटन, संस्कृति ,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, कलेक्टर विलास भोसकर, पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षण से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
राज्यपाल ने पशुपालन को ग्रामीण आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए इसे बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन से न केवल आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह पोषण सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन विकास की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि स्थानीय प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे स्थानीय स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पहल की जाए और व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाए। उन्होंने हेलमेट और यातायात नियमों के प्रति सतत् जागरूकता लाने के निर्देश भी दिए।

महिला स्व-सहायता समूहों की सराहना की
राज्यपाल डेका ने महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समूहों की आर्थिक गतिविधियों का ओर विस्तार किया जाए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं को सुदृढ़ और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूती मिले। स्वास्थ्य और पोषण को लेकर उन्होंने कुपोषित बच्चों की पहचान एवं सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षकों का नियमित प्रशिक्षण, राज्य एवं जिला स्तर पर विषय-विशेष प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय और सूचकांकों के सतत सुधार की रणनीति पर कार्य करने निर्देशित किया। राज्यपाल ने अधिकारियों को योजनाओं की जमीनी स्तर पर जांच के लिए मैदानी भ्रमण करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।

एक पेड़ मां के नाम लगाने प्ररित करें
एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को मिशन बताते हुए राज्यपाल ने सभी को पेड़ लगाने और दूसरों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। सभी सरकारी कार्यालयों में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने जनपद परिषद में ‘एक पेड़ मां के नाम‘ पौधा रोपित किए। राज्यपाल डेका ने आकांक्षी ब्लाक अंतर्गत दसवीं कक्षा में जिले में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने पर कुमारी भूमिका रजवाड़े को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति