अगली बार संयम नहीं: भारत की चेतावनी से पाकिस्तान की फिक्र बढ़ी, आर्मी चीफ मुनीर सतर्क

इस्लामाबाद 
पाकिस्तान में 8 अक्टूबर 2025 को सुरक्षा घेरे  के बीच रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर में 272वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अपनी सेना को हर वक्त तैयार रहने, फिटनेस बनाए रखने और किसी भी हमले का “त्वरित और आक्रामक” जवाब देने का आदेश दिया। पाकिस्तानी मीडिया समा टीवी के अनुसार, यह बैठक भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी द्वारा दशहरे पर दी गई सख्त चेतावनी के बाद हुई। आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तानी सेना हर स्थिति के लिए सक्षम है और कश्मीर और गाजा मुद्दों पर पाकिस्तान की समर्थन नीति को दोहराया।

भारत की चेतावनी 
2 अक्टूबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के भुज में कहा कि सर क्रीक पर पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का जवाब निर्णायक और इतना कड़ा होगा कि यह पाकिस्तान का इतिहास और भूगोल बदल सकता है। इसके बाद 3 अक्टूबर को सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी पाकिस्तान को चेताया कि अगर आतंकवाद को पोसा-पाला गया तो उसका नामो-निशान मिट सकता है।
 
पाकिस्तानी रुख और तैयारी 
आसिम मुनीर ने कॉन्फ्रेंस में फौज को अनुशासन बनाए रखने, शारीरिक फिटनेस पर ध्यान देने और हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पाकिस्तानी सेना की क्षमता को भी दोहराया और कश्मीर के साथ-साथ गाजा में मानवीय सहायता की भी बात की। बैठक में पाक-सऊदी डिफेंस डील की सराहना भी की गई। भारत की कड़ी चेतावनी और पाकिस्तानी सेना की तैयारी से क्षेत्रीय सुरक्षा तनाव बढ़ा है। दोनों देशों की सैन्य सतर्कता अब चरम पर है, जिससे किसी भी छोटे विवाद का बड़ा सैन्य मोड़ लेने का खतरा बना हुआ है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति