नाबाद शतक से चूके साई सुदर्शन, भारत ने गंवाया दूसरा विकेट

नई दिल्ली 
भारत बनाम वेस्टइंडीज दूसरा टेस्ट दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है। यशस्वी जायसवाल ने शतक ठोक भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। यह उनका टेस्ट करियर का 7वां शतक है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया को केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने सधी हुई शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़े। भारत को पहला झटका वारिकन ने केएल राहुल को (38) आउट करके दिया। इसके बाद यशस्वी और साई सुदर्शन के बीच दूसरे विकेट के लिए 306 गेंद में 193 रन की साझेदारी हुई। साई 165 गेंद में 87 रन बनाकर आउट हुए। यशस्वी और गिल क्रीज पर हैं। अहदमाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में हुए पहले मैच को भारत ने पारी और 140 रनों के अंतर से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई हुई है।

यशस्वी और गिल क्रीज पर
यशस्वी जायसवाल बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रहे हैं। गिल भी अच्छी लय में नजर आ रहे हैं। भारत ने 77 ओवर में दो विकेट खोकर 269 रन बना लिए हैं।

साई सुदर्शन शतक से चूके
भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज साई सुदर्शन शतक से चूक गए हैं। उन्होंने 165 गेंद में 12 चौकों की मदद से 87 रन बनाए। वॉरिकन ने उन्हें एलबीडब्ल्यू किया। सुदर्शन और यशस्वी के बीच दूसरे विकेट के लिए 193 रन की साझेदारी हुई।

admin

Related Posts

AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति