आवास विकास का धमाका ऑफर: कम ब्याज, भारी छूट और लम्बी EMI सुविधा सिर्फ दिवाली पर!

लखनऊ
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद (UPAVP) ने अपनी 2273वीं बोर्ड बैठक में दिवाली से पहले आम जनता के लिए घर खरीदना आसान बनाने वाले कई बड़े फैसले लिए हैं. 2000 से अधिक खाली पड़े फ्लैटों को जल्द बेचने के लिए 15% तक की छूट, ब्याज दर में भारी कटौती और 50% भुगतान पर कब्जे जैसे आकर्षक ऑफर दिए गए हैं. इसके अलावा, लखनऊ की अवध विहार योजना में रुका हुआ निर्माण फिर से शुरू होगा, जबकि पुरानी योजनाओं में हुई अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के आदेश भी जारी हुए हैं. एक साथ पांच जिलों में 5,502 करोड़ की नई आवासीय योजनाओं को हरी झंडी देकर परिषद ने राज्य भर में आवासीय योजनाओं की नई शुरुआत की है.

बोर्ड बैठक में लिया गया सबसे चर्चित फैसला खाली फ्लैटों की बिक्री को बढ़ावा देने वाला है. परिषद के पास इस वक्त 2000 से ज्यादा फ्लैट खाली पड़े हैं, जिन्हें दिवाली के मौके पर विशेष छूट के साथ बेचा जाएगा. अब तक 60 दिनों में पूरा भुगतान करने पर सिर्फ 5% छूट मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15% कर दिया गया है. वहीं, 90 दिनों के भीतर भुगतान पर 10% छूट का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही, फ्लैट की कीमत का 50% भुगतान करने पर ही खरीदार को कब्जा मिल जाएगा, जबकि बाकी राशि को 10 वर्षों की आसान किश्तों में चुकाना होगा. सबसे बड़ी राहत ब्याज दर में है. पहले 11.50% थी, अब घटाकर 8.50% कर दी गई है.
 
अपर मुख्य सचिव आवास एवं शहरी नियोजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ये फैसले आम आदमी के लिए घर का सपना साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं. आवास आयुक्त डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया, ये ऑफर विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों और मध्यम वर्ग के लिए हैं. पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर आवंटन होगा. हमारा लक्ष्य है कि दिवाली तक कम से कम 500 फ्लैट बिक जाएं. लखनऊ की अवध विहार योजना सेक्टर के तहत 7D में सरयू एनक्लेव के 7 प्रस्तावित टावरों का निर्माण अब फिर से शुरू होगा. 2017 में कम मांग के कारण यहां पर काम रुक गया था, जिसमें सिर्फ 27 फ्लैट ही बिक पाए थे. 2018 में दोबारा शुरू हुए काम में भी सिर्फ दो टावरों का कुछ हिस्सा बन पाया, बाकी रुक गया. ऑडिट में सामने आया कि अब तक 48 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जिस पर आपत्ति दर्ज की गई थी. बोर्ड ने फैसला लिया है कि बाकी टावरों को ‘जैसा है वैसे में’ 319 करोड़ रुपये में नीलाम किया जाएगा.

खरीदार को न केवल निर्माण पूरा करना होगा, बल्कि पहले से बिके 27 फ्लैट मालिकों को परिषद द्वारा दी गई सभी सुविधाएं (जैसे पार्किंग, सिक्योरिटी) भी उपलब्ध करानी पड़ेंगी. इससे न केवल परिषद को राजस्व मिलेगा, बल्कि सैकड़ों फ्लैटों का निर्माण भी पूरा हो सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम निजी बिल्डरों को आकर्षित करेगा और योजना को नई जिंदगी देगा.

सहारनपुर में डिमांड सर्वे की प्रक्रिया पर काम शुरू
सहारनपुर जिले के लिए डिमांड सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. ऐसे में यहां जल्द ही नई योजना की घोषणा की जा सकती है. ये योजनाएं न केवल हजारों प्लॉट और फ्लैट उपलब्ध कराएंगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेंगी.

 

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