न्यूजीलैंड वनडे से पहले विराट-रोहित करेंगे घरेलू मैच में धमाका, अजीत अगरकर के नियम मानने पर सहमति

नई दिल्ली 
भारतीय टीम के वरिष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के निर्देशों का पालन करते हुए आगामी विजय हज़ारे ट्रॉफी में खेलने पर सहमति जताई है। यह फैसला जनवरी में होने वाली न्यूज़ीलैंड वनडे सीरीज़ से पहले लिया गया है। अगरकर ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि हर केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ी, जो फिट और उपलब्ध है, उसे घरेलू क्रिकेट में हिस्सा लेना होगा ताकि 2027 वनडे विश्व कप सहित भविष्य की टीम चयन प्रक्रिया में अपनी दावेदारी बनाए रखी जा सके। 

अगरकर का सख्त निर्देश- “घरेलू क्रिकेट से दूरी अब बर्दाश्त नहीं”
चयनकर्ता अजीत अगरकर ने वरिष्ठ खिलाड़ियों के लगातार घरेलू टूर्नामेंटों से दूरी बनाए रखने पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के बीच लंबा ब्रेक लेने वाले खिलाड़ियों को विजय हज़ारे ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंटों में खेलना अनिवार्य होगा। ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज की घोषणा के दौरान अगरकर ने दो टूक कहा था, “घरेलू क्रिकेट राष्ट्रीय टीम का आधार है। जो खिलाड़ी चयन की दौड़ में रहना चाहते हैं, उन्हें उसमें भाग लेना ही होगा।”

कोहली और रोहित की उपलब्धता की पुष्टि
रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली और रोहित दोनों ने 24 दिसंबर से शुरू हो रही विजय हज़ारे ट्रॉफी के लिए अपनी उपलब्धता की पुष्टि कर दी है। दोनों खिलाड़ी कम से कम तीन से चार मैच खेलने के लिए तैयार हैं। बीसीसीआई सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया, '6 दिसंबर को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतिम वनडे और 11 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे के बीच पाँच हफ़्तों का अंतर है। इस दौरान खिलाड़ी अपनी राज्य टीमों के लिए खेल सकते हैं।' रोहित मुंबई और कोहली दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे।

विजय हजारे ट्रॉफी का कार्यक्रम
टूर्नामेंट शुरू: 24 दिसंबर
रोहित की टीम मुंबई के मैच : 24, 26, 29, 31 दिसंबर; 3, 6, 8 जनवरी
कोहली की टीम दिल्ली के मैच : समान अंतराल में निर्धारित
न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला वनडे : 11 जनवरी, वडोदरा
BCCI चाहता है कि दोनों खिलाड़ी टीम इंडिया से जुड़ने से पहले कम से कम तीन राउंड खेलें।

क्यों अहम है यह फैसला
इस कदम को भारतीय क्रिकेट में अनुशासन और जवाबदेही की नई नीति के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से वरिष्ठ खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट से दूरी बनाए हुए थे, जिससे युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा नहीं मिल रही थी। अब जब टीम इंडिया 2027 विश्व कप की दिशा में आगे बढ़ रही है, तो यह पहल चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाएगी।

 

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