अंबेडकर मूर्ति विवाद के बाद सख्ती: ग्वालियर में धारा 163, 50 को नोटिस, सोशल मीडिया से 260 पोस्ट हटाईं

ग्वालियर
 शहर में बाबा साहब अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकीलों के दो गुटों के साथ-साथ अब आम जनता भी इस मुद्दे पर बंटी हुई है। एडवोकेट अनिल मिश्रा की टिप्पणी के बाद दलित समाज संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गए हैं। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा सकेगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।

क्या है पूरा विवाद
यह विवाद 17 मई 2025 से शुरू हुआ था, जब हाईकोर्ट परिसर में मूर्ति लगाने को लेकर वकीलों के एक पक्ष और दूसरे पक्ष में मतभेद हो गया था। उस समय माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने मूर्ति को दूसरी जगह रखवा दिया था। तब से यह विवाद लगातार बढ़ रहा है। वकीलों का एक पक्ष मूर्ति लगाने के लिए अड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा है। अब यह लड़ाई हाईकोर्ट परिसर से निकलकर सोशल मीडिया पर भी पहुंच गई है, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठन भी आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्टों को देखते हुए पुलिस 24 घंटे नजर रख रही है और अब तक 160 से अधिक पोस्ट हटा चुकी है और 50 से अधिक लोगों को नोटिस भी दे चुकी है, फिर भी विवाद थम नहीं रहा।

पुलिस की सायबर टीम भी रख रही नजर शांति समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान और एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा- सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाकर 15 अक्टूबर को कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है। जिले में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू है। 15 अक्टूबर को बिना अनुमति कोई आयोजन नहीं होगा।

एसएसपी सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ और सामाजिक समरसता को क्षति पहुंचाने वाले पोस्ट अपलोड करने वालों पर सायबर टीम की नजर है। सभी लोग आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं, व्यवसाय करें। प्रशासन सुरक्षा के लिए तत्पर है।

इस बैठक में शांति समिति के 30 से ज्यादा सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे।

बिना अनुमति आयोजन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर रुचिका चौहान ने शांति समिति सदस्यों से कहा कि वे भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को फोन करके समझाएं, ताकि कानूनी कार्रवाई की नौबत न आए। ध्यान दें कि कहीं पर भी बिना अनुमति के कोई आयोजन न होने पाए। यदि हो तो सख्त कार्रवाई करें। शहर की तरह गांव में भी चौकसी की जाए। जन प्रतिनिधियों से भी संपर्क किया जाए।

राजनीति चमका रहे लोग
सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों से साफ है कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए जातिवाद की लड़ाई छेड़ रहे हैं। 15 अक्टूबर को आगरा में ओबीसी और एससी समाज द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है, वहीं सामान्य वर्ग के लोग भी शक्ति प्रदर्शन की बात कर रहे हैं। त्योहारों को देखते हुए पुलिस ने अपनी सतर्कता और बढ़ा दी है। 15 अक्टूबर को लेकर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है। होटलों, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है।

पुलिस की भी पूरी तैयारी
किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से निपटने के लिए पुलिस ने मॉक ड्रिल भी की है, ताकि असामाजिक तत्वों को संदेश दिया जा सके कि ग्वालियर पुलिस हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। प्रशासन ने भी सभी समाजों के प्रमुख लोगों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की है। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि 15 तारीख को किसी बड़े मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद धारा 163 लागू की गई है। अब सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कार्यक्रम करने से पहले अनुमति लेनी होगी।

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