बारात लेकर जा रही बस खाई में गिरी, शादी का जश्न बदल गया हादसे में

हिमाचल 
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के लुहारघाट क्षेत्र में एक निजी बस के खाई में गिरने से बड़ा हादसा हो गया। यह बस रामशहर थाना क्षेत्र के तहत वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहे 42 रिश्तेदारों को लेकर जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गई।

विवाह की खुशियां मातम में बदलीं
इस दुर्घटना में लगभग 10 यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर एम्स रेफर कर दिया गया है। इसके लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने शुरू किया बचाव कार्य
जानकारी के अनुसार, बस रामशहर के जोबी गांव में एक विवाह कार्यक्रम के लिए जा रही थी। रास्ते में एक तीव्र ढलान और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण बस फिसलकर गहरी खाई में जा गिरी और पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पुलिस के पहुंचने से पहले ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस टीम को सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गई।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बिलासपुर एम्स भेजे गए घायल
रामशहर पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए एम्स बिलासपुर भेजा गया। इस हादसे में बस को भी काफी नुकसान हुआ है। डीएसपी नालागढ़ भीष्म ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने पुष्टि की कि गंभीर रूप से घायल यात्रियों का इलाज एम्स बिलासपुर में चल रहा है।

हादसे के बाद अस्पताल की ओर दौड़े परिजन
दुर्घटना की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। अपने प्रियजनों का हाल जानने के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

यह हादसा बिलासपुर जिले की सीमा से लगे क्षेत्र में हुआ है। गौरतलब है कि पिछले दिनों बिलासपुर में ही पहाड़ दरकने से एक चलती बस दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी। इस नए हादसे ने क्षेत्र में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

 

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