अल-गमारी की मौत पर इजराइल का कड़ा संदेश; हूती नेतृत्व पर बड़ा थप्पड़

सना/तेल अवीव
 यमन के ईरान समर्थित हूती संगठन को बड़ा झटका लगा है. उसके चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद अब्दुल करीम अल-गमारी की मौत हो गई है. हूती संगठन ने  बयान जारी कर कहा कि अल-गमारी ‘अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहीद हुए’. हालांकि हूतियों ने सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन बयान में कहा गया कि ‘इजरायल को उसके अपराधों की सजा जरूर मिलेगी’. इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पहले भी यमन में हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी. अब माना जा रहा है कि अगस्त के अंत में सना में हुए एक हमले में अल-गमारी गंभीर रूप से घायल हुए थे और अब उनकी मौत हो गई है. इस हमले में हूती सरकार के प्रधानमंत्री और कई मंत्री भी मारे गए थे. इजरायल ने कहा, ‘जो हमें निशाना बनाते हैं, हम उन्हें ढूंढ कर खत्म करते हैं.’

अल-गमारी कौन था? हूती ताकत का एक बड़ा चेहरा

    मोहम्मद अल-गमारी हूती संगठन के सबसे सीनियर मिलिट्री कमांडर्स में से एक था. 2016 में उसे चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया और 2021 में उसने अब्दुल खालिक अल-हूती की जगह कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला.

    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अल-गमारी को यमन की शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताकर प्रतिबंधित किया था. अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने भी उसके खिलाफ ‘एक्जीक्यूटिव ऑर्डर 13611’ के तहत सैंक्शन लगाए थे.

    अमेरिकी बयान में कहा गया था, ‘अल-गमारी ने ऐसे कदम उठाए जो यमन की सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण और राजनीतिक प्रक्रिया में बाधा डालते हैं.’
    वो ईरान समर्थित धड़े का सबसे भरोसेमंद चेहरा माना जाता था और हूती मिलिट्री ऑपरेशंस की रणनीति उसी के हाथों में थी.

इजरायल का दावा, ‘आतंक की चेन को खत्म कर रहे हैं’

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अल-गमारी की मौत पर कहा, ‘एक और आतंकी चीफ ऑफ स्टाफ मारा गया जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहता था. हम सबको खत्म करेंगे.’ इजरायली डिफेंस मिनिस्टर इस्राएल काट्ज ने भी X (पहले ट्विटर) पर लिखा – ‘गमारी अब अपने साथियों के साथ नरक में है. हमने उसके आतंक नेटवर्क को तहस-नहस कर दिया.’

उन्होंने बताया कि हाल में इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट ने ‘हूती वॉर रूम’ पर टारगेटेड स्ट्राइक की थी, जिसमें हूती नेतृत्व का बड़ा हिस्सा खत्म हो गया. काट्ज ने कहा – ‘हमने हूतियों की खतरनाक क्षमताओं को मिटाने का काम शुरू किया है और ये आगे भी जारी रहेगा.’

हूतियों की धमकी- ‘जंग खत्म नहीं हुई, बदला लेंगे’

हूती संगठन ने बयान में कहा कि अल-गमारी और उसका 13 वर्षीय बेटा ‘इस्राइली दुश्मन के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए’. उन्होंने कहा कि यह मौत ‘गौरव की निशानी’ है और वे ‘इसका बदला जरूर लेंगे’. बयान में लिखा गया, ‘संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है. जियोनिस्ट दुश्मन को उसके अपराधों की सजा मिलेगी.’ हूतियों ने इजरायल की ओर कई बार मिसाइलें दागीं, जिन्हें ज्यादातर इंटरसेप्ट कर लिया गया. जवाब में इजरायल ने यमन के हूती कंट्रोल वाले इलाकों पर एयरस्ट्राइक की.

 

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