त्योहारी बुकिंग बनी मुश्किल: IRCTC सर्वर क्रैश से यात्रियों की परेशानी बढ़ी

नई दिल्ली

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन की वेबसाइट शुक्रवार को फिर तकनीकी खामियों की वजह से ठप हो गई। ऑनलाइन टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, समस्या सर्वर से जुड़ी है और इसे ठीक करने के लिए टीम काम कर रही है। वेबसाइट के साथ-साथ मोबाइल ऐप भी फिलहाल काम नहीं कर रहा था।इस मामले आईआरसीटीसी के अधिकारियों का कहना है कि, तकनीकी खराबी के चलते वेबसाइट में दिक्कत आ गई थी। जिसे 11:15 पर ठीक कर लिया गया है।

दरअसल, हर रोज सुबह 10 बजे आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर एसी श्रेणी की तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होती है, जबकि नॉन-एसी टिकटों की बुकिंग 11 बजे से खुलती है। शुक्रवार को धनतेरस (शनिवार) के सफर के लिए तत्काल टिकट बुकिंग का समय था, लेकिन वेबसाइट के डाउन होने से यात्रियों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। जिन लोगों ने त्योहार पर घर जाने के लिए टिकट बुक करने की योजना बनाई थी, उन्हें बड़ी निराशा हाथ लगी।

भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग के लिए एकमात्र आधिकारिक प्लेटफॉर्म आरसीटीसी की वेबसाइट है।रोजाना इस वेबसाइट के जरिए लगभग 12.5 लाख टिकटें बुक की जाती हैं। रेलवे की कुल टिकट बुकिंग में से करीब 84 प्रतिशत बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से होती है।

गुरुवार को आईआरसीटीसी का शेयर सुबह 11 बजे तक बीएसई पर 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 717.05 रुपये के स्तर पर ट्रेड हो रहा है। हालांकि, पिछले 1 सप्ताह में कंपनी के शेयर में 0.34 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। वही, पिछले 2 सप्ताह में इसमें 1.44 फीसदी का उछाल आया है। पिछले 6 महीने में कंपनी का शेयर -6.74 फीसदी गिरा है। वही, पिछले 1 साल में कंपनी के शेयर में -17.69 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मार्केट कैप करीब 57,400.00 करोड़ रुपये है।

1999 में भारतीय रेलवे में शामिल हुआ था आईआरसीटीसी
इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन भारत सरकार के रेल मंत्रालय के अंतर्गत एक मिनीरत्न पीएसयू है। IRCTC को 27 सितंबर 1999 को भारतीय रेलवे की एक शाखा के रूप में शामिल किया गया था। इसका उद्देश्य स्टेशनों, ट्रेनों और अन्य स्थानों पर  कैटरिंग और हॉस्पिटैलिटी को मैनेज करना है। इसके साथ ही बजट होटल्स, स्पेशल टूर पैकेज, इंफॉर्मेशन एंड कॉमर्शियल पब्लिसिटी और ग्लोबल रिजर्वेशन सिस्टम के डेवलपमेंट के माध्यम से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देना है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति