मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉल पर जानी कुमारी संस्कृति की कुशलक्षेम, इलाज के बाद इंदौर वापसी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमारी संस्कृति से वीसी से की बात, इलाज के बाद स्वस्थ होकर इंदौर लौटी

सड़क हादसे में घायल हुई थी संस्कृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईलाज के लिये संस्कृति को एयर एम्बुलेंस से भेजा था मुंबई
संस्कृति और उसके दादा-दादी ने मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
मुख्यमंत्री ने कहा – संस्कृति से इंदौर मिलने आयेंगे

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास से इंदौर की कुमारी संस्कृति वर्मा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात कर उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने संस्कृति को स्वस्थ होकर लौटने पर बधाई देते हुए कहा कि तुम्हारे चेहरे की मुस्कान से तो हमारी दीपावली आज ही मन गई। मुख्यमंत्री ने संस्कृति से कहा कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो और पढ़ाई भी जारी रखो। सरकार सभी प्रकार की मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति और उसके परिजन को धनतेरस, रूपचौदस और दीपावली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि समय खराब था, पर संकट का समय अब पूरी तरह टल गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संवेदनशीलता और मानवीयता एक बेटी के जीवन में नया सवेरा लेकर आई है। संस्कृति ने बताया कि वह खूब पढ़-लिखकर सीए बनना चाहती है और इसलिए वह कॉमर्स प्लस एप्लाईड मैथ्स लेकर पढ़ाई कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगली बार इंदौर प्रवास के दौरान वे संस्कृति से मिलने जाएंगे।

 उल्लेखनीय है कि इंदौर के संगम नगर निवासी 17 वर्षीय बेटी कुमारी संस्कृति पुत्री अशोक वर्मा एक अप्रत्याशित दुर्घटना के कारण 15 सितंबर 2025 को एयरपोर्ट रोड इंदौर पर सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इससे उसके शरीर के बाएं बांह एवं अन्य जगह गंभीर चोटें आई थीं। यह चोटें इतनी गंभीर थी कि उसके जीवन पर भी संकट में आ गया था। इंदौर में उसे चिकित्सकों की टीम द्वारा श्रेष्ठ उपचार दिया गया, किंतु उसकी गंभीर चोटों की जटिलता को देखते हुए चिकित्सकों के दल ने यह निर्णय लिया कि उसे शल्य चिकित्सा के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई भेजना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित निर्णय लेते हुए कलेक्टर इंदौर को संस्कृति को एयर एंबुलेंस से एयरलिफ्ट कर शासन के व्यय पर तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल मुंबई शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश का पालन किया और संस्कृति को मुम्बई पहुंचाया गया, जहां उसके बायीं बांह एवं हाथ को बचाने के लिए सर्जरी की गई, फॉलोअप के साथ संस्कृति को फिजियोथैरेपी की सलाह के साथ उसे शुक्रवार को छुट्टी दे दी गई। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा उसके इलाज पर लगभग 30 लाख रुपए का व्यय किया गया। इंदौर की कक्षा 12वीं में पढ़ने वाली इस होनहार बेटी के जीवन में भी उजाला लाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने अथक प्रयास किया और यह प्रयास रंग लाया। संस्कृति अब पुनः अपने सामान्य जीवन की ओर लौट रही है। उसके जीवन में भी आशा के सारे रंग सरकार की मदद से पुनः जाग रहे हैं।

 

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