मंदिर प्रबंधन की मनमानी: आदेश के बावजूद गर्भगृह के पास दीपदान, श्रद्धालुओं में सवाल

वृंदावन 
यूपी के वृंदावन में ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर में शुक्रवार को गर्भ गृह के बाहर जगमोहन में निर्धारित से अधिक दीये जलाकर हाई पावर्ड टेम्पल मैनेजमेंट कमेटी के आदेश को दरकिनार किया गया। बताया जा रहा है कि कमेटी ने मंदिर के बाहर अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी थी।

मंदिर की व्यवस्थाओं के सुधार को गठित मैनेजमेंट कमेटी ने पट खुलने से पूर्व सेवायत गोस्वामी के साथ यजमान की मंदिर में प्रवेश रोकने, वीआईपी पर्ची से दर्शन बंद करने के साथ मंदिर परिसर में दीपदान रोक दिया। गोस्वामियों ने कमेटी से सात अक्तूबर से पांच नवंबर तक चलने वाले कार्तिक मास में मंदिर परिसर में किसी भी स्थान पर दीपदान करने की अनुमति मांगी।

कमेटी द्वारा मंदिर के अर्धनिर्मित हॉल में केवल सात दीपक जलाने की अनुमति दी। साथ ही यह भी निर्देश जारी किये कि एक दीपक में 50 ग्राम तेल ही प्रयोग में लिया जायेगा। दीपदान की प्रक्रिया सूर्यास्त के समय ही प्रारम्भ होगी तथा ठाकुरजी की आरती से पूर्व समाप्त हो जायेगी। शुक्रवार को मंदिर में गर्भ गृह के सामने जगमोहन में दीयों का स्टैंड लगाकर दो दर्जन से अधिक दीपक रख जलाये गये। इसके आसपास पुजारी बैठते हैं। इस दौरान जगमोहन के दोनों और श्रद्धालुओं की भीड़ थी। दीपदान की अनुमति मांगने वाले गोस्वामी कमेटी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।

उनका कहना है कि हमको दीपदान की अनुमति नहीं दी जबकि मंदिर के अंदर गर्भ गृह में ही दीपदान कराया जा रहा है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि जगमोहन में दीपदान होता आया है, लेकिन कमेटी ने मंदिर के अंदर दीपदान पर रोक लगाकर अर्धनिर्मित हॉल में ही सिर्फ सात दीपक जलाने के आदेश दीये, जिसका उल्लंघन हो रहा है और हमारे द्वारा की गई मांग पर गौर नहीं किया गया। इस बारे में कमेटी को पत्र लिखकर जानकारी की जाएगी।

 

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