105 दिन जनरेटर से चला घर, हाईकोर्ट के आदेश पर बेनीवाल को मिला बिजली कनेक्शन

नागौर

राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बेंच के आदेश के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल के नागौर स्थित आवास का बिजली कनेक्शन शुक्रवार शाम को बहाल कर दिया गया। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (एसई) अशोक चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश में संशोधन करते हुए 4 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश दिया था। यह आदेश 10 अक्टूबर को जारी हुआ था लेकिन इसकी कॉपी डिस्कॉम को शुक्रवार को प्राप्त हुई, जिसके बाद सांसद के भाई प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर दर्ज बिजली कनेक्शन को तुरंत जोड़ दिया गया।

एसई चौधरी ने बताया कि प्रेमसुख बेनीवाल ने पहले ही 2 लाख रुपये जमा करवाए थे और अब कोर्ट के आदेशानुसार शेष राशि के लिए बैंक गारंटी जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई। हाईकोर्ट ने इस मामले को सेटलमेंट के लिए भेजते हुए 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिस्कॉम ने सांसद के आवास का बिजली बिल करीब 11 लाख रुपये बकाया बताया था। मार्च 2025 में प्रेमसुख बेनीवाल ने 2 लाख रुपये जमा कर मामले को सेटलमेंट में लेने की अर्जी दी थी। इसके बावजूद लगभग तीन महीने बाद डिस्कॉम ने बिना पूर्व सूचना के सांसद के आवास का बिजली कनेक्शन काट दिया।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे अनुचित ठहराते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सिंगल बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई में 6 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। इसके विरोध में सांसद ने डबल बेंच में अपील की, जिसने 4 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश दिया। सांसद बेनीवाल ने बताया कि इस गलती के कारण उनके आवास को 105 दिनों तक जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे उन्हें काफी असुविधा हुई।

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले को सेटलमेंट में भेजते हुए दोनों पक्षों को 15 दिनों के भीतर विवाद का समाधान करने का निर्देश दिया है। सांसद ने कहा कि डिस्कॉम की कार्रवाई अनुचित थी और इस प्रक्रिया में उन्हें कोई गलती नहीं थी, फिर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक हस्तक्षेप का उदाहरण है और दर्शाता है कि बिजली विभाग की बिना सूचना की गई कार्रवाई आम जनता के लिए कितनी असुविधाजनक साबित हो सकती है। अब नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या 15 दिनों के भीतर इस विवाद का स्थायी समाधान हो पाएगा।

 

राजस्थान उच्च न्यायालय की डबल बेंच के आदेश के बाद सांसद हनुमान बेनीवाल के नागौर स्थित आवास का बिजली कनेक्शन शुक्रवार शाम को बहाल कर दिया गया। डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता (एसई) अशोक चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश में संशोधन करते हुए 4 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश दिया था। यह आदेश 10 अक्टूबर को जारी हुआ था लेकिन इसकी कॉपी डिस्कॉम को शुक्रवार को प्राप्त हुई, जिसके बाद सांसद के भाई प्रेमसुख बेनीवाल के नाम पर दर्ज बिजली कनेक्शन को तुरंत जोड़ दिया गया।

एसई चौधरी ने बताया कि प्रेमसुख बेनीवाल ने पहले ही 2 लाख रुपये जमा करवाए थे और अब कोर्ट के आदेशानुसार शेष राशि के लिए बैंक गारंटी जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई। हाईकोर्ट ने इस मामले को सेटलमेंट के लिए भेजते हुए 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि डिस्कॉम ने सांसद के आवास का बिजली बिल करीब 11 लाख रुपये बकाया बताया था। मार्च 2025 में प्रेमसुख बेनीवाल ने 2 लाख रुपये जमा कर मामले को सेटलमेंट में लेने की अर्जी दी थी। इसके बावजूद लगभग तीन महीने बाद डिस्कॉम ने बिना पूर्व सूचना के सांसद के आवास का बिजली कनेक्शन काट दिया।

सांसद हनुमान बेनीवाल ने इसे अनुचित ठहराते हुए राजस्थान उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। सिंगल बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई में 6 लाख रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। इसके विरोध में सांसद ने डबल बेंच में अपील की, जिसने 4 लाख रुपये की बैंक गारंटी जमा कराने का निर्देश दिया। सांसद बेनीवाल ने बताया कि इस गलती के कारण उनके आवास को 105 दिनों तक जनरेटर पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे उन्हें काफी असुविधा हुई।

हाईकोर्ट की डबल बेंच ने मामले को सेटलमेंट में भेजते हुए दोनों पक्षों को 15 दिनों के भीतर विवाद का समाधान करने का निर्देश दिया है। सांसद ने कहा कि डिस्कॉम की कार्रवाई अनुचित थी और इस प्रक्रिया में उन्हें कोई गलती नहीं थी, फिर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

यह मामला प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक हस्तक्षेप का उदाहरण है और दर्शाता है कि बिजली विभाग की बिना सूचना की गई कार्रवाई आम जनता के लिए कितनी असुविधाजनक साबित हो सकती है। अब नजरें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या 15 दिनों के भीतर इस विवाद का स्थायी समाधान हो पाएगा।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति