2-4 वोट की राजनीति: अखिलेश के दीये-मोमबत्ती बयान पर VHP-BJP ने साधा निशाना

नई दिल्ली 
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव दिवाली और क्रिसमस को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे बवाल मच गया। दिवाली के मौके पर जब अखिलेश से पूछा गया कि वह कुछ सुझाव देंगे तो उन्होंने क्रिसमस से तुलना की और कहा कि दीये और मोमबत्ती पर बार-बार क्यों खर्च करना। उनके इस बयान पर विश्व हिंदू परिषद और बीजेपी भड़क गई है। वीएचपी ने कहा है कि अखिलेश को वेटिकन सिटी जाना चाहिए, वहां दो-चार वोट मिल जाएंगे। वहीं, बीजेपी ने घेरते हुए कहा कि जब अयोध्या चमक रही है तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही।

अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''भगवान श्रीराम जी पर सुझाव देता हूं। दुनिया में क्रिसमस के समय पूरे शहर जगमगा जाते हैं और महीनों तक जगमगाते हैं। उन्हीं से सीख लेना चाहिए। क्यों खर्चा करना दीये और मोमबत्ती का, क्यों दिमाग लगाना। हम लोग बहुत सुंदर रोशनी करवाएंगे।'' इस पर वीएचपी के विनोद बंसल ने कहा कि यह वो पार्टी है जो निहत्थे रामभक्तों को मारने पर खुद को गौरवान्वित महसूस करती है। रामचरितमानस जलवाती है। यह पार्टी दिवाली के दीयों से नहीं जलेगी तो क्या होगा। वो बात पीडीए की करते हैं,

उन्होंने कहा, ''जो दीपक जलाने वाली कम्युनिटी कुम्हार है, वो पूरी दुनिया को अपने दीये से रौशन करना चाहते हैं। इनको चिंता है कि पीडीए का वो घटक कहीं रौशन न हो जाए, उनके घर चार पैसे न चले जाएं। इसलिए उन दीये से उनका दिवाला निकल रहा है। जब से क्रिश्चियनटी शुरू नहीं हुई तब से दिवाली चल रही है। कह रहे हैं कि क्रिसमस से सीख लेनी चाहिए, जबकि अभी दिवाली आ रही है और क्रिसमस दो महीने बाद है। इनको यही नहीं पता कि कौन सा त्योहार आने वाला है।''

उन्होंने आगे कहा, ''मैं पूछना चाहता हूं कि अखिलेश यादव की जो सोच है, वह कब ठीक होगी। ये आखिरकार अपने कैबिनेट में जिहादियों-अपराधियों को रखते थे। अब जब अयोध्या में भव्य दिवाली मनाई जा रही है तो इस पर इतनी चिढ़ क्यों हो रही। ये दिवाली की शुभकामनाएं नहीं दे सकतीं। आप क्रिसमस मनाइए और धूमधाम से बखान कीजिए। इनको वेटिकन सिटी में जाना चाहिए, वहां दो-चार वोटर मिल जाएंगे। ये जो वोटों के लालची नेता हैं, किस हदतक जा सकते हैं और अपनी ही संस्कृति पर हमला कर सकते हैं, यह उनके बयान से सामने आती है।''

वहीं, अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी ने भी हमला बोला। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यूपी में समाजवादी पार्टी के राज में अयोध्या को अंधेरे में रखा गया था। उस समय की समाजवादी पार्टी सरकार ने पहले भी राम भक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। अब, जब अयोध्या चमक रही है, तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही है। ये लोग सैफई में नाच-गाने के फेस्टिवल ऑर्गनाइज करते थे, लेकिन अगर अयोध्या में दिवाली मनाई जा रही है, तो अखिलेश यादव को दिक्कत हो रही है।"

 

admin

Related Posts

दिल्ली में भाजपा मुख्यालय: नितिन नबीन बने नए अध्यक्ष, मोदी का समर्थन

नई दिल्ली भाजपा के नव निर्वाचित अध्यक्ष नितिन नबीन ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में पदभार संभाला।इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ…

आयोग का अहम फैसला: नगर निगम चुनाव में 25 वर्षों बाद लौटेगा बैलेट पेपर सिस्टम

कर्नाटक बेंगलुरु में 25 वर्षों के बाद नगर निकाय चुनावों में मतदान बैलट पेपर से होगा। कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी