छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई विधानसभा: बस्तर के शिल्प, धान की छाप और पीएम मोदी की मौजूदगी

रायपुर 

 छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 नवंबर को नई विधानसभा भवन का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर राजधानी में तैयारियां जोरों पर हैं। वहीं बताया जा रहा है कि उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हो सकते हैं। नई विधानसभा भवन की डिजाइन और सजावट में छत्तीसगढ़ की झलक देखने को मिलेगी।

प्रशासनिक कार्यों में बढ़ेगी सुविधा

भवन की सीलिंग पर धान की बालियां उकेरी गई हैं, जो राज्य की कृषि परंपरा और समृद्धि का प्रतीक हैं। वहीं, बस्तर के शिल्पियों ने फर्नीचर तैयार किया है, जिससे स्थानीय कला और हस्तशिल्प को सम्मान मिला है। नया परिसर इस तरह बनाया गया है कि एक ही सर्किल में मंत्रालय, संचालनालय और विधानसभा भवन मौजूद रहेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में सुविधा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

भवन से जुड़ा दिलचस्प तथ्य

नई विधानसभा का भूमि पूजन कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था, जबकि इसका निर्माण कार्य भाजपा सरकार में पूरा हुआ। 28 अगस्त 2020 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस भवन की आधारशिला रखी थी। उस समय सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। भवन का नाम प्रदेश की पहली सांसद मिनी माता के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया था। वहीं, 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा की और लगभग 5 साल बाद भवन तैयार हुआ।

500 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम

नई विधानसभा परिसर में ही एक आधुनिक ऑडिटोरियम भी बनाया गया है, जिसकी क्षमता 500 सीटों की है। इसमें विशाल मंच, VIP लाउंज, प्री-फंक्शन लॉबी, दो ग्रीन रूम, दो प्रशासनिक कक्ष, लिफ्ट और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन से एक रोचक तथ्य जुड़ा है। नए भवन का भूमि पूजन कांग्रेस सरकार में और निर्माण पूरा होने का काम भाजपा सरकार में हुआ है। 28 अगस्त 2020 को कांग्रेस सरकार के दौरान नई विधानसभा भवन की आधारशिला रखी गई थी।

इस अवसर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी वर्चुअल जुड़े थे। उस समय प्रदेश की पहली सांसद मिनी माता के नाम पर भवन का नामकरण करने का निर्णय लिया गया था।

वहीं, 2023 में भाजपा की सरकार आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। लगभग 5 साल बाद विधानसभा भवन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

500 सीटों वाला आधुनिक ऑडिटोरियम

नई विधानसभा परिसर में ही एक नया ऑडिटोरियम तैयार किया गया है, जिसकी क्षमता 500 लोगों की होगी। इसमें विशाल मंच के साथ VIP लाउंज, प्री-फंक्शन लॉबी, दो ग्रीन रूम, दो प्रशासनिक कक्ष, सीढ़ियां, लिफ्ट और दिव्यांगजनों के लिए रैम्प जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

24 मंत्रियों के लिए कक्ष, पूर्व विधायकों को भी स्थान

नए विधानसभा में 24 मंत्रियों के लिए चैंबर बनाए गए हैं। ये कक्ष C ब्लॉक में होंगे, जिनमें प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार की व्यवस्था की गई है।

नई विधानसभा में केवल वर्तमान विधायकों ही नहीं, बल्कि पूर्व विधायकों के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई है। पहले की इमारत में पूर्व विधायकों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

55 एकड़ से 51 एकड़ में शिफ्ट होगी विधानसभा

नवा रायपुर के सेक्टर-19 में बना नया विधानसभा भवन 51 एकड़ का है। ये वर्तमान भवन से 4 एकड़ कम होगा। राज्य गठन के बाद 14 दिसंबर 2000 को छत्तीसगढ़ विधानसभा का पहला ऐतिहासिक सत्र राजधानी रायपुर स्थित राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में आयोजित हुआ था।

हालांकि, वह अस्थायी व्यवस्था थी, इसलिए 27 फरवरी 2001 से विधानसभा का दूसरा सत्र नए भवन में शुरू किया गया। इसके लिए बरौंदा स्थित परिसर को नए स्वरूप में विकसित किया गया था। रायपुर-बलौदाबाजार मार्ग पर ग्राम बरौंदा स्थित विधान नगर का यह भवन लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और अब तक विधानसभा यहीं से संचालित हो रही है।

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