वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला

गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री ने की गोवर्धन पूजा

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला

प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दीं सीएम ने, कहा- भारत की समृद्धि का आधार रहा है गोवंश

गोरखपुर
 दीपावली के पंच दिवसीय महापर्व की श्रृंखला के महत्वपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार प्रातः गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। गोपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गोसेवा की और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोवंश भारत की समृद्धि का आधार रहा है। सरकार गो संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाओं के जरिये सतत प्रयास कर रही है। 

दीपावली के दिन सोमवार से ही गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन की प्रक्रिया पूर्ण की। गायों और गोवंश को माला पहनाई, तिलक लगाया और गोमाता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गो पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला खिलाया। इस दौरान वह गायों और गोवंश को उनका नाम लेकर पुकारते रहे और उनके पास जाकर उन्हें खूब दुलार भी किया। 

गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए चल रहे अभिनव कार्यक्रम : मुख्यमंत्री
गोवर्धन पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई अभिनव कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिर्फ गोपूजन ही नहीं हो रहा है बल्कि  गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। 

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गोवंश ऐसे हैं जिनका भरण पोषण प्रदेश सरकार अनुदानित कर रहे है। अन्नदाता किसानों की फसल को इनसे नुकसान न हो, इस दृष्टि से यह एक प्रयास प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए प्रदेश में तीन प्रकार की विशेष  योजनाएं हैं। एक योजना निराश्रित गोवंश स्थल की है जिसमें हर गोवंश के लिए सरकार के स्तर पर प्रतिमाह 1500 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे ही सहभागिता योजना है। इसमें कोई भी अन्नदाता किसान गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ जुड़ता है तो उसे चार निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए प्रति गोवंश 1500 रुपये की दर से 6000 रुपये तक।दिए जाते हैं। तीसरी योजना कुपोषित परिवारों के लिए है। जो कुपोषित माताएं हैं, बच्चे हैं, उन परिवारों में उन्हें निराश्रित गो आश्रय स्थल से ब्याई हुई गाय दी जाती है। वह सेवा करें और गाय का दूध भी लें। साथ ही उन्हें 1500 रुपये प्रति महीना गाय की देखभाल के लिए दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़े हैं। 

गोवर्धन योजना से समृद्धि की ओर बढ़े हैं अन्नदाता किसान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में संचालित गोवर्धन योजना से अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर बढ़े हैं। प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बनाने से अन्नदाता किसानों को गोबर का भी दम प्राप्त हो रहा है। साथ जी ग्रीन ईंधन के माध्यम से प्रदेश के अंदर नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने और पेट्रोल डीजल में खर्च होने वाले भारत धन को बचाने में भी मदद मिल रही है। 

गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक
सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवंश का महत्व क्या है, यह गोवर्धन पूजा जैसे आयोजन इसे बताते हैं। दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसकी महत्ता को और भी प्रभावी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे गो पूजन और गोसेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

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