प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विद्यार्थी स्थानीय संस्कृति एवं लोक कलाओं का करेंगे प्रदर्शन

राज्य स्तरीय कला उत्सव 24 अक्टूबर से भोपाल में

भोपाल 
स्कूल शिक्षा विभाग का दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव शुक्रवार 24 अक्टूबर से प्रात: 10 बजे भोपाल में शुरू होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों को अपनी कला, संस्कृति और विरासत को मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम कलियासोत, कोलार रोड के मध्यप्रदेश भूमि एवं जल प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) में आयोजित होगा।

दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से स्कूल के लगभग 250 विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति देंगे। इन विद्यार्थियों का चयन 9 संभागों में विद्यार्थियों द्वारा श्रेष्ठ प्रस्तुति के आधार पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हुआ है। उत्सव में मालवी एवं बुंदेली लोक गीत, बरेदीं बधाई, धीमी राय, गौर नृत्य के साथ अंचल से जुड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। विद्यार्थी नाटक एवं कहानी कथा पर आधारित वाचन प्रस्तुत करेंगे। कला उत्सव की विशेषता रानी दुर्गावती एवं रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित लघु ना‍टिकाएँ रहेंगी।

कला उत्सव में वादन की श्रेणी में विद्यार्थी बाँसुरी, सितार, तबला, टिमकी, ढोलक और तुरा जैसे पारम्परिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संगीत की अद्भुत प्रस्तुतियाँ देंगे। मध्यप्रदेश की धरती सदैव कला की जननी रही है। भीमबेटका और इसकी गुफाएँ प्राचीन चित्रकला की साक्षी हैं। उत्सव में विद्यार्थी पिथौरा, गोंड कला एवं मालवा पेंटिंग पर आधारित अपनी चित्रकृतियाँ प्रदर्शित करेंगे। मूर्तिकला, चित्रकला तथा स्थानीय खेल और खिलौनों पर आधारित प्रतियोगिताएँ भी इस उत्सव का विशेष आकर्षण रहेंगी। राज्य स्तरीय कला उत्सव-2025 का समापन 25 अक्टूबर को होगा। उद्घाटन सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद मौजूद रहेंगे। 

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