‘लालच’ और ‘जाल’ की राजनीति: प्रशांत किशोर ने तेजस्वी के चुनावी वादों का किया भंडाफोड़

सीतामढ़ी 
नेता प्रतिपक्ष और बिहार महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने रविवार को चुनावी वायदों का दूसरा पिटारा खोला। कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो पंचायती राज के पूर्व जन प्रतिनिधियों को पेंशन दिया जाएगा और उनका भत्ता दोगुना कर दिया जाएगा। कुम्हार, नाई, लोहार, बढ़ई जैसे कारीगरों को पांच साल के लिए ब्याज रहित पांच लाख का लोन दिया जाएगा। राजद के चुनाव वायदों पर प्रशांत किशोर ने तंज कसा है। कहा है कि लोगों को फंसाने के लिए शेर कंगन का लालच दे रहा है।

सीतामढ़ी के परिहार में जन सुराज प्रत्याशी अवधेश कुशवाहा का चुनाव प्रचार करने पहुंचे प्रशांत किशोर ने कहा कि 18 सालों तक सत्ता में रहकर तेजस्वी यादव के माता पिता ने बिहार को बर्बाद कर दिया। तेजस्वी यादव अगर आ गए तो बिहार का भला नहीं होने वाला है। ये लोग फिर से लूटपाट, अपहरण, रंगदारी का राज लाएंगे। वे कह रहे हैं कि सब घर में नौकरी दे देंगे। महिला सब को ढाई हजार देंगे। मानदेय बढ़ा देंगे। लेकिन शेर बुढ़ा भी हो जाएगा तो मांस ही खाएगा। उनका वादा शेर के कंगन वाला लालच जैसा है जो फंसाता था और मारकर खा जाता था।

पीके ने कहा कि तेजस्वी यादव अगर नायक हैं तो खलनायक कौन है। अपने बारे में जो चाहे बोल लें। मुंह से ही कहना है तो कुछ भी कह सकते हैं। अब हम लोगों को यह सुनना बाकी रह गया है कि वे पूरे बिहार को सोने की लंका बना देंगे।

प्रशांत किशोर ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर भी हमला बोला। कहा कि नीतीश कुमार को बीजेपी अगला मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। अगर ऐसी बात है तो मोदी और शाह खुद से कह दें कि 2025 चुनाव में एनडीए की जीत होने पर नीतीश कुमार ही सीएम बनेंगे। सिर्फ कहते हैं कि नीतीश जी के नेतृत्व में एनडीए चुनाव लड़ रही है।

 

admin

Related Posts

अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति