MP के बांधवगढ़ में बड़ा खुलासा: फर्जी वाउचर से चल रहा था सफारी टिकट का काला कारोबार

उमरिया
दिल्ली के एक गिरोह द्वारा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की सफारी टिकटों की कालाबाजारी का पर्दाफाश सीसीआईओ साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कार्रवाई के बाद हुआ है। जांच में पता चला कि आरोपियों के पास केवल बांधवगढ़ के वाउचर ही नहीं, बल्कि गिर सफारी (राजस्थान), ताड़ोबा (महाराष्ट्र), जिम कॉर्बेट (उत्तराखंड), काजी रंगा (असम) और अन्य स्थानों के बुकिंग वाउचर भी मिले हैं। इस मामले में दिल्ली से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डा. अनुपम सहाय ने बताया कि अहमदाबाद (गुजरात) के सासंगीर सिंह दर्शन सहित उन पर्यटकों ने, जिन्होंने सफारी स्लॉट अग्रिम में बुक किए थे, उनसे तय कीमत से तीन गुना अधिक राशि वसूल की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपित सरकारी वेबसाइट का दुरुपयोग कर एडवांस बुकिंग करते थे तथा फिर इन वाउचरों को उच्च कीमत पर बेच देते थे।
 
सीसीआईओ साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने बताया कि आरोपितों द्वारा टिकट बुकिंग के लिए सरकारी साइट को हैंक कर दूसरे राज्यों के पर्यटन स्थलों की एडवांस बुकिंग की जा रही थी। इस तरह का जाल गुजरात, मध्यप्रदेश के बांधवगढ़, राजस्थान के गिर, महाराष्ट्र के ताड़ोबा, उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट और असम के काजी रंगा तक फैला हुआ पाया गया। अभी इस घोटाले की तफ्तीश जारी है और साइबर टीम मामले के तकनीकी पक्ष की विस्तृत जांच कर रही है।

फील्ड डायरेक्टर डा. अनुपम सहाय ने पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी टाइगर रिजर्व में सफारी टिकट बुक करते समय सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और आधिकारिक काउंटर का ही उपयोग करें। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की आधिकारिक साइट पर ही ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है और साइट पर भुगतान ऑनलाइन या रिजर्व के काउंटर द्वारा किया जा सकता है। साथ ही साइट पर संपर्क हेतु आवश्यक फोन नंबर भी दिए गए हैं, जिनसे कोई शंका होने पर सीधे संपर्क किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि बांधवगढ़ प्रशासन टिकट की कालाबाजारी पर नजर बनाए हुए है और ऐसे किसी भी प्रयास को सख्ती से रोका जाएगा। जिले की स्थानीय प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियाँ भी इस दिशा में सतर्क हैं और संभावित पीड़ित पर्यटकों को जानकारी दे रही हैं। सीसीआईओ की कार्रवाई और दिल्ली से आरोपियों की गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि साइबर माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और कालाबाजारी के खिलाफ भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने पर्यटकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी ऑफर या तीसरे पक्ष के माध्यम से खरीदारी करने से पहले आधिकारिक स्रोत की पुष्टि अवश्य कर लें। उन मामलों में जहां अग्रिम भुगतान करना आवश्यक हो, वहां भुगतान के पुख्ता सबूत और रसीद रखना अनिवार्य है। बांधवगढ़ प्रबंधन ने कहा है कि यदि पर्यटक किसी धोखाधड़ी का सामना करते हैं तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके और अन्य संभावित शिकारों को भी बचाया जा सके।

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