भारत-चीन के बीच हवाई सफर का नया अध्याय, कोलकाता से उड़ी पहली फ्लाइट

कोलकाता

कई दौर की बैठकों और 5 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच सीधी हवाई सेवा फिर से शुरू हो गई है। इंडिगो एयरलाइंस की एक उड़ान के साथ ही दोनों एशियाई दिग्गजों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए यह सेवा दोबारा बहाल हुई है।

कोलकाता से चीन के लिए पहली उड़ान
इंडिगो के विमान 6E1703 ने रविवार रात 10:07 बजे कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से चीन के ग्वांगझू  के लिए उड़ान भरी। यह फ्लाइट ग्वांगझू बैयुन अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्थानीय समयानुसार सुबह 4:05 बजे पहुंचेगी। एयरपोर्ट डायरेक्टर ने इस ऐतिहासिक उड़ान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सेवा शुरू होने की पुष्टि की।
 
 विस्तार योजना और उद्देश्य

इस सेवा को फिर से शुरू करने का मुख्य उद्देश्य व्यापार, पर्यटन और लोगों के बीच संपर्क को आसान बनाना है जो पिछले 5 वर्षों से ठप पड़ी थी।

    कोलकाता-ग्वांगझू रूट: इंडिगो इस रूट पर अब प्रतिदिन नॉन-स्टॉप उड़ानें संचालित करेगा।
    
    आगामी रूट्स:

        दिल्ली और ग्वांगझू के बीच अतिरिक्त उड़ानें 10 नवंबर से शुरू होंगी।

        शंघाई-दिल्ली रूट पर उड़ानें 9 नवंबर से फिर से शुरू होंगी।

इस कदम से दोनों देशों के बीच यात्रियों और माल ढुलाई की आवाजाही में बड़ी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति