ग्वालियर सिरप केस में प्रशासन की कड़ी कार्रवाई, ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को किया निलंबित

ग्वालियर 

 ग्वालियर के बहुचर्चित कफ सिरप केस एक और बड़ा एक्शन हुआ है। अब इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनूभूति शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला गुना रहेगा।

आपको बता दें कि, दवाओं के नमूने लेने के साथ साथ अन्य कार्रवाईयों की कार्यालय प्रमुख को सूचना नहीं देने का उनपर आरोप है। नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दिनेश श्रीवास्तव की ओर से ये कार्रवाई की गई है। ग्वालियर में एजिथ्रोमाइसिन सिरप के मामले में ड्रग इंस्पेक्टर अनुभूति शर्मा द्वारा सैंपल लिए गए थे।

एमपी में एजिथ्रोमाइसिन बैन

सिविल सर्जन डॉ. राजेश शर्मा ने मिली मौखिक शिकायत पर ड्रग इंस्पेक्टर को सूचना दी थी। ड्रग इंस्पेक्टर ने सैंपल लिए थे। सिविल सर्जन को मिली मौखिक शिकायत के आधार पर कराई गई कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में एजिथ्रोमाइसिन पर रोक लग गई थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई न होते हुए ड्रग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति