डॉ. यादव करेंगे ‘अनुगूँज’ कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

डॉ. यादव करेंगे 'अनुगूँज' कार्यक्रम की शुरुआत, सांस्कृतिक रंगों से रोशन होगा आयोजन

सांस्कृतिक महोत्सव अनुगूँज का शुभारंभ, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे

शासकीय विद्यालयों के 500 विद्यार्थी करेंगे अपनी सांस्‍कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन

भोपाल

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की सहभागिता से आयोजित किये जाने वाले सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज" का आयोजन मंगलवार 28 अक्‍टूबर को भोपाल स्थित शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, शिवाजी नगर में शाम 5:30 बजे से होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि होंगे। जनजातीय कल्‍याण मंत्री कुँवर विजय शाह एवं स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत वाद्य संगीत के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक और मणिपुरी नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियाँ होंगी। कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' के अंतर्गत 'नाटक ताना बाना टूट न जाए' का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सहभागी विद्यार्थियों ने एक माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ भोपाल सहित प्रदेश के विभिन्‍न अंचलों से शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 विद्यार्थियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है।

उल्‍लेखनीय है कि अनुगूँज समारोह स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहे है। इनमें सुप्रसिद्ध संगीतकार मॉरिस लाजरस, ओडसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू सु बिंदु जुनेजा, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सु भारती होम्‍बल, ख्‍याति प्राप्‍त कथक नृत्‍य गुरू मती पद्मजा रघुवंशी और मणिपुरी नृत्‍य शैली के प्रसिध्‍द आचार्य और राष्‍ट्रीय अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त नृत्‍य गुरू  एम.के. होजाइनगम्‍बा सिेंह, ख्‍यात रंग निदेशक  सादात भारती के साथ ही प्रसिद्ध मंच संचालक  विनय उपाध्‍याय जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए देश की विभिन्‍न प्रदर्शनकारी सांस्‍कृतिक प्रस्‍तुतियों के प्रदर्शन के लिये विशाल मंच का निर्माण महाकाल की नगरी उज्‍जैन के महाकाल लोक के मॉडल पर तैयार किया गया है।

 

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