140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में अन्नकूट का आयोजन, पूड़ी-भजियों से सजी प्रसादी

इंदौर 

इंदौर के करीब 140 साल पुराने रणजीत हनुमान मंदिर में शुक्रवार को चलित अन्नकूट है। यहां 50 हजार भक्तों के लिए प्रसादी में पूड़ी, राम भाजी, नुक्ती, भजिए बनाए जा रहे हैं। अन्नकूट महोत्सव चलित स्वरूप में होगा यानी भक्त लाइन से आकर पैकेट में पूड़ी, सब्जी, नुक्ती बाँटी जयेगी। 

चलित अन्नकूट महोत्सव का यह दूसरा साल है। दो साल पहले तक मंदिर के ही ग्राउंड में भक्तों को सुव्यवस्थित रूप से बैठाकर भोजन कराया जाता था।इसमें काफी समय लगता था और भक्तों को काफी इंतजार करना पड़ता था। इसे देखते हुए व्यवस्था में बदलाव किया गया।मंदिर के ग्राउंड में तैयार हो रही प्रसादी मंदिर परिसर में बने ग्राउंड में 4 से ज्यादा अस्थायी भट्टियां बनाई हैं। बुधवार को भट्टी पूजन करने के साथ ही नुक्ती बनाने का काम शुरू हो गया। गुरुवार रात 12 बजे तक ये भट्टियां चलती रहेगी।

8 क्विंटल बेसन से नुक्ती बनाई जा रही है। अलग-अलग भट्टियों पर तेल में बेसन से नुक्ती बनाई जा रही थी, जिसके बाद नुक्ती को चाशनी में डाला जा रहा था।बाद में इन नुक्ती को एक बड़े थाल में निकालकर मंदिर के अन्न क्षेत्र में रखा गया। इसके अलावा 8 क्विंटल बेसन से भजिए बनेंगे।गुरुवार को राम भाजी और पूड़ियां तलने का काम किया जाएगा। राम भाजी बनाने के लिए भक्त मंडल की महिला सदस्य भी इसमें अपनी भागीदारी देंगी।

वे गुरुवार सुबह 9 बजे से ही मंदिर परिसर में सब्जी को धोने और काटने का काम करेगी। इसके लिए मंदिर के वॉट्सऐप ग्रुप पर भी मैसेज भेजा गया है।जिसमें लिखा है कि भोग में बनने वाली राम भाजी की सब्जी सुधारने में जो सेवा देना चाहते है वे सुबह 9 बजे मंदिर परिसर में आमंत्रित है। इसमें बड़ी संख्या में महिला सदस्य शामिल होंगी।

मंदिर स्थापना से ही होता आया है अन्नकूट महोत्सव मंदिर के मुख्य पुजारी पं.दीपेश व्यास ने बताया कि मंदिर को करीब 140 साल हो चुके हैं। मंदिर की स्थापना के साथ ही अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया जाता आ रहा है और हनुमान जयंती के बाद आने वाले मंगलवार को इसमें भंडारे का आयोजन किया जाता है। मंदिर की परंपरानुसार बाबा की आरती होने के बाद शहर के 101 मंदिरों में यहां से प्रसाद भी भेजा जाएगा।

200 से 250 लोगों की टीम तैयार कर रही प्रसादी मंदिर में पिछले 12 सालों से प्रसादी तैयार करने वाले महेश गर्ग ने बताया कि मंदिर में काम करने के लिए 200 से 250 लोगों की टीम लगती है। बुधवार सुबह 8 बजे भट्टी पूजन हुआ जो गुरुवार रात 12 बजे तक जारी रहेगा। 50 हजार लोगों के लिए प्रसादी तैयार की जा रही है।

भोजन प्रसादी तैयार करने में 100 से 150 लोग लगातार लगे रहते है। महोत्सव शुरू होने के बाद परोसगारी करने के लिए 100 लोगों की टीम बढ़ जाती है। इस प्रकार 200 से 250 लोगों की टीम इसमें लगती है जो भोजन तैयार करने से लेकर परोसगारी करने में लगती है।

600 से 700 भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे व्यवस्था पं.दीपेश व्यास ने बताया कि गुरुवार को अन्नकूट महोत्सव के लिए भक्त मंडल के 600 से 700 सदस्य अपनी सेवा देंगे। वे अलग-अलग व्यवस्थाओं को संभालेंगे। इसमें भक्तों की एंट्री से लेकर उनके बाहर निकलने तक पैकेट देने से लेकर प्रसादी परोसने तक की व्यवस्था भक्त मंडल के सदस्य संभालेंगे। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भी यहां रहेगी। 100 से ज्यादा पुलिस बल भी यहां तैनात रहेगा जो व्यवस्थाओं को संभालेगा। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहेंगे।

ग्राउंड में बैठते थे भक्त, व्यवस्था में किया बदलाव

पं.व्यास ने बताया कि मंदिर परिसर के ग्राउंड में 1700 से 1800 भक्त एक बार प्रसादी ग्रहण करने के लिए बैठते थे, इसके चलते ग्राउंड के बाहर भक्तों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी और कई घंटे उन्हें इंतजार करना पड़ता था। कई बार धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बन जाती थी। जिससे भक्तों का काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए पिछले साल ही व्यवस्था में बदलाव किया गया और चलित अन्नकूट की शुरुआत की गई। चलित अन्नकूट से भक्तों को प्रसादी के लिए ज्यादा समय नहीं लगेगा। 15 से 20 मिनट के अंदर ही भक्तों को प्रसादी आसानी से मिल सकेगी। अलग-अलग काउंटर पर भक्तों को पैकेट, पूड़ी-सब्जी, नुक्ती-भजिए की प्रसादी मिल जाएगी और वे प्रसादी लेकर ग्राउंड के बाहर जा सकेंगे।

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