विकसित राज्य के विजन के साथ प्रगति की ओर बढ़ेगा मध्यप्रदेश

भोपाल 
राज्य स्थापना दिवस पर रवींद्र भवन में आयोजित होने वाले ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ विजन दस्तावेज का विमोचन करेंगे। यह आयोजन प्रदेश की निरंतर प्रगति यात्रा को नई दिशा देने के साथ अगले दो दशकों के लिए सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित मध्यप्रदेश के रोडमैप को प्रस्तुत करेगा। मध्यप्रदेश ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को आधार बनाकर ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ का विजन तैयार किया है। कार्यक्रम में यह बताया जाएगा कि बीते दो वर्षों में राज्य ने औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, निवेश प्रोत्साहन और आधारभूत ढांचे के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और आने वाले समय में यही गति प्रदेश को देश के अग्रणी औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

कार्यक्रम में ‘द टू-ईयर जर्नी’ शीर्षक से एक प्रेरक लघु फिल्म प्रदर्शित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश की निवेश प्रोत्साहन यात्रा और औद्योगिक उपलब्धियों का प्रभावशाली चित्रण रहेगा। इसके पश्चात् ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ दस्तावेज का विमोचन किया जाएगा, जो राज्य के सर्वांगीण विकास की दिशा में दीर्घकालिक योजनाओं, औद्योगिक निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सामाजिक सशक्तिकरण का समग्र खाका प्रस्तुत करेगा।

मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन बताएंगे कि प्रदेश ने निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता, पारदर्शिता और विश्वास का वातावरण तैयार करने के लिये किये गये नवाचारों की जानकारी देंगे। वे यह भी रेखांकित करेंगे कि आने वाले वर्षों में यही वातावरण मध्यप्रदेश को देश और दुनिया के निवेश मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाएगा।

कार्यक्रम में उद्योग एवं निवेशक सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ‘MP ई-सेवा’ और ‘Invest MP 3.0’ पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। ये दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म उद्योगों को सिंगल-विंडो सुविधा, ऑनलाइन स्वीकृति और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी सेवाएं प्रदान करेंगे, जिससे औद्योगिक प्रक्रियाएं और अधिक सरल व पारदर्शी बनेंगी।

प्रदेश की प्रगति को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से विमानन क्षेत्र में भी नई पहल की जा रही है। उज्जैन हवाई अड्डे के विकास से संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे धार्मिक, पर्यटन और औद्योगिक दृष्टि से उज्जैन क्षेत्र विकास की नई ऊचाईयां प्राप्त करेगा। इसी क्रम में रीवा-नई दिल्ली एलायंस एयर उड़ान का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे विंध्य क्षेत्र का राजधानी दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी और व्यापार व निवेश के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री किंजरापु राममोहन नायडू उपस्थित रहेंगे। वे ‘विकसित मध्यप्रदेश 2047’ विजन को प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ अभियान की दिशा में एक सशक्त कदम के रूप में रेखांकित करेंगे और राज्य की नीतिगत स्पष्टता तथा दूरदर्शी दृष्टिकोण की विस्तृत जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह संदेश देंगे कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश न केवल निवेश का केंद्र बनेगा, बल्कि मानव विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और नवाचार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा। ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उस नए युग की शुरुआत है, जिसमें प्रदेश का हर नागरिक विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनेगा। 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति