पारस जैन ने राजनीति में लिया ब्रेक, पार्टी नेतृत्व को दी रणनीतिक नसीहत

उज्जैन

 मध्यप्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता और 6 बार के विधायक व पूर्व मंत्री पारस जैन ने अब कोई भी चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। उज्जैन की उत्तर विधानसभा के दिग्गज नेता पारस जैन ने चुनाव न लड़ने का ऐलान करते हुए पार्टी नेतृत्व को ये नसीहत भी दी है कि वरिष्ठ और जमीनी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलने की जरूरत है। बता दें कि 2023 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने पारस जैन का टिकट काट दिया था और उनकी जगह अनिल जैन कालूखेड़ा को टिकट दिया था जो सीट से वर्तमान में विधायक हैं।
अब नहीं लड़ूंगा कोई चुनाव- पारस जैन

पूर्व मंत्री पारस जैन ने कहा है कि अब न तो चुनाव लड़ने लायक समय बचा है और न ही वैसे लोग हैं। उन्होंने कहा कि पहले के और अब के चुनावों में बहुत अंतर आ गया है। पारस जैन ने इस दौरान पार्टी से नाराजगी की बातों से इंकार किया और कहा कि मैं छह बार चुनाव लड़ा लेकिन कभी टिकट नहीं मांगी। हर बार पार्टी ने खुद टिकट दिया। चुनाव जीतने पर पार्टी ने मंत्री भी बनाया लेकिन अब उम्र 75 साल हो गई है शायद यही वजह होगी कि साल 2023 के चुनावों में उन्हें टिकट नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के प्रति हमेशा से वफादार था और रहूंगा। इस दौरान पारस जैन ने ये भी कहा कि मुझे लगता है कि पार्टी को नीचे के कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहिए और वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं भूलना चाहिए।

6 बार विधायक रहे पारस जैन

पारस जैन की गिनती मध्यप्रदेश भाजपा के दिग्गज नेताओं में होती है वो उज्जैन की उत्तर विधानसभा सीट से 6 बार विधायक रह चुके हैं और कई विभागों में मंत्री भी रह चुके हैं। साल 1990, 1993 और फिर 2003 से लगातार 2013 तक चुनाव जीतकर विधायक बने। इसके साथ ही पारस जैन मध्यप्रदेश सरकार में वन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण जैसे विभागों में मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने पारस जैन का टिकट काटकर अनिल जैन कालूखेड़ा को दिया था जिसके बाद से पारस जैन किसी बड़े कार्यक्रम में भी नजर नहीं आए थे। जिसके कारण उनके पार्टी से नाराज होने की खबरें उठी थीं। हालांकि अब उन्होंने खुद कोई चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है और पार्टी व संगठन से किसी भी प्रकार की नाराजगी होने से भी इंकार किया है।

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