TMC का गंभीर आरोप – ‘SIR के डर’ से गई जान, चुनाव आयोग को बताया जिम्मेदार

कोलकाता 
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने मतदाता सूची के SIR को लेकर निर्वाचन आयोग और भाजपा के खिलाफ हमला तेज कर दिया है। टीएमसी ने दावा किया कि राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले के एक और व्यक्ति की मौत इस डर से हुई कि 2002 की मतदाता सूची में उसका नाम नहीं है, ऐसे में उसे गैर-नागरिक घोषित कर दिया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मरने वाला व्यक्ति जिले के जमालपुर इलाके का रहने वाला था। उसकी पहचान विमल संतरा के तौर पर हुई है जो एक श्रमिक था।'
 
टीएमसी ने विमल संतरा की मौत की परिस्थितियों का विवरण दिए बिना या किसी पुलिस पुष्टि का हवाला दिए बिना कहा, ‘भाजपा की डर और नफरत की राजनीति के कारण एक और अनमोल जान चली गई।’ इससे पहले, पार्टी ने बंगाल में तीन लोगों के आत्महत्या कर लेने के बाद भाजपा) पर निशाना साधा था। इन लोगों ने कथित तौर पर आत्महत्या इसलिए की थी कि उन्हें डर था कि एसआईआर के बाद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। निर्वाचन आयोग SIR के दूसरे चरण का आयोजन पश्चिम बंगाल समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करेगा, जहां अगले वर्ष चुनाव होने हैं। एसआईआर की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी। मतदाता सूची का मसौदा 9 दिसंबर को जारी किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को प्रकाशित होगी।

मंगलवार को कोलकाता में विशाल मार्च
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतदाता सूची के SIR के विरोध में मंगलवार को कोलकाता में विशाल मार्च का नेतृत्व करेंगी। TMC चीफ बनर्जी के साथ रैली में उनके भतीजे व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल होंगे। यह मार्च मैदान में बीआर आंबेडकर की प्रतिमा के पास से शुरू होकर जोरासांको में रवींद्रनाथ टैगोर के निवास के पास समाप्त होगा। कार्यक्रम की घोषणा करते हुए टीएमसी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'एसआईआर वास्तव में खामोशी से की जाने वाली धांधली है। हम यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे कि सभी पात्र मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल हों और पीछे न छूटें। अपने लोगों के लिए हम अपना सब कुछ झोंक देंगे!'

 

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति