वो स्मार्टफोन जो बने यूज़र्स की मुसीबत — लोगों ने कहा, पैसे बरबाद!

नई दिल्ली

दुनिया में भारतीय तकनीक का लोहा माना जाता है। अमेरिका की सिलिकॉन वैली में दुनिया की टॉप कंपनियों में भारतीय हुनर काम करता है। हालांकि स्मार्टफोन मार्केट में भारतीय ब्रैंड वो मुकाम हासिल नहीं कर पाए, जो चीन और अमेरिका की कंपनियों ने किया है। लावा इकलौती है जिसने भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में स्वदेशी की पहचान को बचाकर रखा है। पिछले 10 साल में देश में कुछ ऐसे ब्रैंड आए, जिन्होंने दुनिया में भद प‍िटवा दी। लोगों ने भी इन कंपनियों को खूब कोसा क्योंकि सस्ता फोन पाने की उम्मीद में उन्होंने अपने पैसे लगा दिए थे। आज बात कुछ ऐसे स्मार्टफोन्स की, जिन्हें सबसे ‘मनहूस’ कहा जा सकता है।

फ्रीडम 251
नोएडा की कंपनी रिंगिंग बेल्स ने साल 2016 में सनसनी मचा दी थी, जब उसने सिर्फ 251 रुपये में फोन लॉन्च किया। नाम था फ्रीडम 251। लॉन्च इवेंट में बड़े नेताओं ने शिरकत की थी, जिससे लोगों का भरोसा जगा। दावा किया गया कि करीब 3 हजार रुपये कीमत वाले फोन को 251 रुपये में बेचा जाएगा। फीचर्स बताए गए कि फोन में डुअल सिम सपोर्ट होगा। 4 इंच का डिस्प्ले मिलेगा। 1 जीबी रैम, 8 जीबी स्टोरेज होगा। फ्रंट-बैक दोनों साइड में कैमरा और 1450 एमएएच बैटरी के साथ फ्रीडम 251 की घोषणा फरवरी महीने में की गई। बुकिंग शुरू हुईं और लोगों ने धड़ाधड़ फोन को बुक भी कराया। लेकिन फ्रीडम 251 को लेकर कहा जाता है कि फोन कभी लोगों तक पहुंचा ही नहीं। कुछ सेट जरूर डिलिवर हुए लेकिन अधिकतम लोगों के हाथ मायूसी ही लगी। उनके 251 रुपये भी लौटाए गए या नहीं, कोई नहीं जानता। ठीक एक साल बाद 2017 में रिंग‍िग बेल्स के डायरेक्टर मोहित गोयल को अरेस्ट कर लिया गया था। ‘फ्रीडम 251’ कभी भारतीय बाजार में आ ही नहीं सका और सस्ते स्मार्टफोन का सपना पूरा नहीं हुआ। इमेज : एमेजॉन से।

नमोटेल
‘फ्रीडम 251’ की चर्चाएं चल ही रही थीं कि साल 2016 मई महीने में ‘नमोटेल अच्छे दिन’ नाम से एक और फोन सिर्फ 99 रुपये में लॉन्च किया गया। उसे दुनिया का सबसे सस्ता फोन बताया गया था। उस फोन में भी 4 इंच की स्क्रीन, 1 जीबी रैम, 4 जीबी स्टोरेज, फ्रंट और बैक साइड में 2 कैमरा और 1325 एमएएच की बैटरी ऑफर की गई थी। 99 रुपये का नमोटेल सुर्खियां ताे बटोर गया, लेकिन लोगों की जेबों तक नहीं पहुंचा। इसकी वेबसाइट खोलने पर अलर्ट मिला कि यह डेजरेंस है और आपका डेटा चोरी या हैक हो सकता है। इमेज : नमोटेल के एफबी पेज से।

Docoss X1
जयपुर बेस्ड Docoss ने भी साल 2016 में Docoss X1 को बहुत उम्मीदों के साथ पेश किया गया। 888 रुपये कीमत में उसे एक रियल फोन बताया गया। दावा हुआ कि यह पूरी तरह से फंक्शनल एंड्रॉयड स्मार्टफोन है। प्री ऑर्डर भी लिए गए। कंपनी तक एमएमएस के जरिए भी बुकिंग करवा रही थी। और जैसा हर बार होता आया है, लॉन्च की सुर्खियां तो खूब बनी, लेकिन फोन क‍िसी को मिला भी या नहीं, कोई नहीं जानता। फ्रीडम 251 और नमोटेल की तरह Docoss X1 भी भारत के लिए एक मनहूस स्मार्टफोन साबित हुआ जिसने लोगों का भरोसा तोड़ने का काम किया।

 

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