कटेझिरिया जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, नक्सली अभी भी फरार, सर्च ऑपरेशन जारी

बालाघाट:
 देश के गृह मंत्री अमित शाह के एलान के बाद लगातार नक्सलियों पर एक्शन जारी है. छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सलियों को या तो खत्म किया जा रहा है, या फिर वे खुद सरेंडर कर रहे हैं. अमित शाह ने नक्सलवाद को मार्च 2026 तक जड़ से खत्म करने की डेडलाइन फिक्स की है. जिसके बाद नक्सलवाद वाले राज्यों में जवानों द्वारा नक्सलियों पर नकेल कसने का काम जारी है. वहीं बालाघाट में एक बार फिर सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आई है. बताया जा रहा है कि रूपझर थाना क्षेत्र के पचामा जंगल में सोमवार देर रात से ये यह मुठभेड़ जारी है.

देर रात हुई फायरिंग

एएसपी आदर्शकांत शुक्ला के अनुसार, देर रात करीब 11 से 12 बजे के बीच सर्चिंग टीम को पांच नक्सली दिखे। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं है।

मुठभेड़ के बाद नक्सलियों की तलाश के लिए पुलिस ने जंगल में सुरक्षाबलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को उतारकर तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

14 जून को चार नक्सलियों को मारा था

उल्लेखनीय है कि कटेझिरिया का यह वही जंगल है जहां बीते 14 जून को सुरक्षाबलों ने 14-14 लाख रुपए के चार इनामी नक्सलियों – रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी (पति चंदू उर्फ देवचंद), रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन को मार गिराया था।

एक ने किया था सरेंडर

हाल ही में, 1 नवंबर को तीन राज्यों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश) की मोस्ट वांटेड, 14 लाख रुपए की इनामी नक्सली सुनीता आयाम ने बालाघाट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।

बालाघाट में जवानों और नक्सलियों के बीच फायरिंग

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्श कांत शुक्ला ने ईटीवी भारत को बताया कि "पचामा जंगल में देर रात से जवानों और नक्सलियों के बीच एक्सचेंज ऑफ फायर जारी है. जंगल में 800 से अधिक जवान तैनात हैं. जवानों ने सर्च ऑपरेशन को और भी तेज कर दिया है. हालांकि उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी भी नक्सली के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है."

महिला नक्सली के सरेंडर के बाद मुठभेड़

जानकारी के लिए बताते चलें कि दो दिन पहले यानि रविवार को ही छत्तीसगढ़ के बीजापुर की रहने वाली महिला नक्सली ने बालाघाट में आत्मसमर्पण किया है. उसके दूसरे ही दिन नक्सलियों ने गोलाबारी शुरू कर दी. जिसमें सुरक्षा बल के जवानों की तरफ से देर रात से लगातार जवाबी कार्रवाई जारी है. अपने महिला साथी के आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की यह बौखलाहट दूसरे ही दिन सामने आई है. लगातार अपनी पकड़ बालाघाट में कमजोर होते देख नक्सलियों में अब निराशा और हताशा है.

12 साल बाद 2 नवंबर को नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

हालांकि रविवार को महिला नक्सली ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने का फैसला लिया. मध्य प्रदेश नक्सली पुर्नवास सह रात नीति 2023 के तहत महिला नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था. जिस महिला नक्सली सुनीता ने आत्मसमर्पण किया है, वह नक्सली गार्ड के रूप में काम करती थी. उस पर 8 लाख रुपए का इनाम घोषित था. बालाघाट में 12 साल बाद किसी नक्सली ने सरेंडर किया है. इससे पहले साल 2013 में एक नक्सली ने पुलिस के सामने सरेंडर किया था.

ज्ञात हो कि इसी पचामा के जंगल में सुरक्षा बल के जवानों ने इसी साल जून में 4 नक्सलियों को मार गिराया था. जिनमे तीन महिलाएं शामिल थीं. जिनके पास से विस्फोटक और हथियार भी बरामद किये गए थे.

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