छत्तीसगढ़ की उन्नति और संस्कृति को मिला वैश्विक सम्मान — अटल जी के सपनों को साकार कर रहा प्रदेश

रायपुर : अटल जी का सपना हुआ साकार – प्रदेश की उन्नति व गौरवशाली संस्कृति को मिली पहचान :  मंत्री  टंकराम वर्मा

जांजगीर-चांपा में तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का हुआ भव्य समापन

छत्तीसगढ़ रजत जयंती महोत्सव पर गूंजा ‘छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया’ का जयघोष

2047 तक होगा पूर्ण विकसित भारत, छत्तीसगढ़ निभा रहा अग्रणी भूमिका

रायपुर

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर जांजगीर-चांपा जिले में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। शासकीय हाई स्कूल मैदान जांजगीर में 2 से 4 नवम्बर तक चले इस आयोजन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा शामिल हुए।

कार्यक्रम में मंत्री  वर्मा ने अतिथियों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास यात्रा, नवाचारों और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक प्रस्तुत की गई थी। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं के अंतर्गत सम्मानित भी किया गया। वहीं विद्यालयीन छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। छत्तीसगढ़ी नृत्य, लोकगीत और नाट्य प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में विधायक  ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, पूर्व सांसद मती कमला देवी पाटले, पूर्व विधायक  चुन्नीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष मती सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष मती रेखा देवागढ़ेवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  गगन जयपुरिया, कलेक्टर  जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक  विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी  गोकुल रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि यह गर्व का क्षण है जब पूरा प्रदेश विकास, संस्कृति और आत्मगौरव की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की आत्मा इसकी लोककला और परंपराओं में बसती है। उन्होंने कहा, “हम छत्तीसगढ़िया हैं — यही हमारी असली पहचान है।"उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रायपुर में राज्योत्सव का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य देकर सरकार ने अपना वादा निभाया है।

मंत्री  वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है और 2026 तक यह पूरी तरह शांतिपूर्ण व समृद्ध प्रदेश बन जाएगा। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा हमें मिलकर अपने राज्य को ‘रामराज्य’ की भावना से सशक्त, सक्षम और समृद्ध बनाना है।

मंत्री  वर्मा ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को नमन करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण संभव हुआ। आज उनकी दृष्टि साकार हो रही है,प्रदेश संस्कृति, संकल्प और समृद्धि का संगम बन चुका है।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े ने कहा कि यह गर्व का क्षण है जब हमारा छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित भारत की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ राज्य प्रगति पथ पर है।

दर्शकों की मांग पर गूंजा ‘मोर गवई गंगा हे’

समापन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा जब दर्शकों की मांग पर मंत्री  टंकराम वर्मा ने मंच पर स्वयं छत्तीसगढ़ी गीत “मोर भाखा संग दया माया के सुंदर हवे मिलाप रे”, “गेंदा फूल” और “मोर गवई गंगा हे” गुनगुनाए। उनकी इस संगीतमय प्रस्तुति पर दर्शक भाव-विभोर हो उठे और कार्यक्रम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

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