आपबीती: पाक ने 14 हिंदू परिवारों के साथ की बदसलूकी, मंदिर दर्शन की राह हुई बाधित

अटारी 
आज गुरु नानक जयंती है. इसे प्रकाश गुरुपर्व भी कहा जाता है. श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व में शामिल होने के लिए भारतीय श्रद्धालुओं का पहला जत्था पाकिस्तान गया. श्रद्धालुओं में सिख और हिंदू दोनों शामिल थे. मगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आया. उसने धर्म-कर्म के मामले में भी अपनी नीच हरकत दिखाई. पाकिस्तान ने ननकाना साहिब गुरुद्वारा गए सिख श्रद्धालुओं का तो फूलों से स्वागत किया, मगर हिंदू श्रद्धालुओं को सीमा पार करने की इजाजत नहीं दी. सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटा दिया. ऐसे 14 परिवार हैं, जिनके साथ पाकिस्तान ने बदसलूकी की है.

कहां के हिंदू परिवारों को लौटाया?

दरअसल, पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व मनाने के लिए भारत से सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए हिंदू परिवारों के सदस्यों को पाकिस्तान इमीग्रेशन ने वापस लौटा दिया. पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लौटाए गए ये हिंदू परिवार दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर के हैं. पाकिस्तान से लौटाए जाने पर उन्होंने अपनी आपबीती बताई है. उन्होंने बताया है कि कैसे पाकिस्तानी रेंजर्स ने उनका अपमान किया. उनके साथ बदसलूकी की.

पाकिस्तान ने किया अपमानित

पाकिस्तान से भारत लौटने पर अटारी बॉर्डर पर बातचीत करते हुए हिंदू श्रद्धालुओं के सदस्य श्री गंगा राम और श्री अमर चंद ने बताया कि उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से पाकिस्तान गुरुधामों की यात्रा के लिए वीजा लगवाया था और वे भारत से सिख जत्थे में शामिल होकर पाकिस्तान गए थे. लेकिन पाकिस्तान वाघा पर स्थित पाकिस्तानी इमीग्रेशन और पाकिस्तानी रेंजरों के अधिकारियों ने उनके साथ बहुत बदसलूकी की. उन्हें सिर्फ इस वजह से वापस लौटा दिया क्योंकि वे हिंदू थे. पाकिस्तानी अधिकारियों ने कहा, ‘आप हिंदू हैं और सिख जत्थे में शामिल होकर क्यों जा रहे हैं.’

‘अपने मंदिरों में जाओ’

उनका कहना था कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें अपमानित करते हुए यह तक कहा कि ‘आप अपने मंदिरों में जाओ, सिखों के गुरुद्वारों में क्या लेने जा रहे हो.’ हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों से उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी को सिर्फ सिख ही नहीं बल्कि सबसे ज्यादा हिंदू श्रद्धालु भी पूजा करते हैं और उनके बताये मार्ग पर चलते हैं. मगर वे बात नहीं माने और उन्होंने वापस लौटा दिया.
सिख श्रद्धालुओं के जत्थे में गए हिंदू श्रद्धालुओं को अपमानित करके पाकिस्तानी अधिकारियों ने वापस लौटाया

दुखी मन से रोतो हुए वापस लौटे श्रद्धालु

कुल 14 परिवारों के इन सदस्यों ने बताया कि उन्हें बहुत दुखी मन के साथ पाकिस्तान से रोते हुए वापस भारत लौटना पड़ा, जिससे उनका मन बेहद उदास है. उन्होंने बताया कि उनका और परिवार के कई सदस्यों का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन वे लंबे समय से भारत में स्थायी नागरिक बनकर पासपोर्ट के साथ रह रहे हैं. वे दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में बस चुके हैं. परिवार की इच्छा थी कि वे श्री गुरु नानक देव जी का प्रकाश गुरुपर्व उनके जन्मस्थान ननकाणा साहिब (पाकिस्तान) जाकर मनाए, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें इसकी इजाज़त नहीं दी.

भारत ने लिया है संज्ञान

भारत लौटाए गए हिंदू श्रद्धालुओं में दिल्ली, लखनऊ और नवां शहर (पंजाब) के परिवार शामिल थे. बहरहाल, सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाकिस्तान द्वारा भारतीय श्रद्धालुओं को वापस लौटाने का मामला भारत के संज्ञान में है. पाकिस्तान के साथ भारत इस मुद्दे को उठाएगा. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर से बौखला गया है. वह हिंदू और सिखों के बीच खाई पैदा करना चाहता है. यही कारण है कि पाकिस्तान के इस कदम को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हिन्दुओं और सिखों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

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